अंबाला। खतौली और गरनाला गांव में 12 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम की ओर से पकड़े अवैध नशा मुक्ति केंद्र मामले में मुख्य आरोपी सरताज अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस का तर्क है कि आरोपी का पता लगाने के लिए साइबर सैल की मदद ले रही है, लेकिन आरोपी की सही लोकेशन का पता नहीं चल पा रहा है। जैसे ही कोई ठोस सुराग मिलता है तो पंजाब में दबिश दी जाएगी। अभी तक पुलिस इस मामले में शिव उर्फ विक्की और हरविंद्र को काबू कर जेल भेज चुकी है। जबकि खतौली गांव में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र वाली बिल्डिंग पर पुलिस ने सील लगा रखी है।
बता दें कि 11 जनवरी को पंजोखरा पुलिस के पास एक युवक को खतौली नशा मुक्ति केंद्र में यातानाएं देने की शिकायत आई थी। पुलिस ने आरोपी के भाई की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जैसे ही स्वास्थ्य विभाग से पुलिस ने संपर्क किया तो पता चला कि वहां कोई भी लाइसेंसशुदा नशा मुक्ति केंद्र ही नहीं है।
विभाग ने पुलिस संग दबिश दी तो खतौली से तीन लोगों का रेस्क्यू किया। जैसे ही टीम ने इससे कुछ जानकारी जुटानी चाही तो पता चला कि गरनाला में भी नशा मुक्ति केंद्र चल रहा है। वहां से टीम ने 24 को रेस्क्यू करवाया था। पता चला था कि यह दोनों एक की व्यक्ति और उसके साथी चला रहे थे।