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Ambala News: मोहड़ा अनाज मंडी में पुलिस बल तैनात

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अंबाला। सूरजमुखी की सरकारी खरीद की मांग को लेकर मोहड़ा अनाज मंडी में किसान मोर्चे पर डटे दिखाई दिए। यहां मंडी को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस और अधिकारी दोनों ही किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार दिखे। वहीं मंडी में सूरजमुखी की फसल सूख रही है, मगर किसान हताश दिखाई दिए।
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पर्याप्त दाम न मिलने के कारण किसान सूरजमुखी की फसल को आढ़तियों को न बेचकर अपने घर ले जाते दिखाई दिए। पूछा तो किसानों ने बताया कि इतने कम दामों में क्या ही बेचें। किसानों का कहना था कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सूरजमुखी की खरीद की सरकार ने पेसकश की थी अब वह अपने वादे से पीछे हट रहे हैं।


किसानों की मानें तो स्थानीय सूरजमुखी उत्पादक किसानों ने अभी अपनी फसल को नहीं बेचा है। शहर की अनाज मंडी में अधिकांश किसान पंजाब से सूरजमुखी की फसल लेकर आ रहे हैं जो 4100 व 4200 रुपये प्रति क्विंटल के रेट में फसल बेच कर चले जाते हैं। उनके पास वापस फसल को ले जाना का कोई रास्ता नहीं होता है। स्थानीय किसानों को आस है कि उनकी फसल के 6000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक दाम मिलेगा तभी वह बेचेंगे।
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मार्केट कमेटी दफ्तर में कर्मचारी कम, पुलिस ज्यादा

पुलिस की तैयारियों पर गौर किया जाए तो मोहड़ा अनाज मंडी के गेट में घुसते ही पुलिस की कई गाड़ियां खड़ी दिखाई दिए। यहां पर वाटर केनन से लैस गाड़ी, दमकल विभाग की गाड़ियां, पुलिस की दंगा नियंत्रण वाहन, रोडवेज बस व 300 से अधिक पुलिस कर्मी मंडी में चप्पे चप्पे पर तैनात हैं। अनाज मंडी में सचिव नीरज भारद्वाज के कार्यालय में भी चार से पांच पुलिस अधिकारी बैठे दिखाई दिए। साथ ही मार्केट कमेटी दफ्तर के हर कक्ष में पुलिस कर्मी बैठे थे।

दफ्तर के सामने धरने में बैठे किसान
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह की तरफ से मार्केट कमेटी कार्यालय पर धरना चलता दिखाई दिया। यहां पर करीब 20 से अधिक किसान बैठे थे जो संगठन के पदाधिकारियों के आदेश का इंतजार करते दिखे।


मुकर गई सरकार
सरकार ने एमएसपी पर सूरजमुखी को खरीदने की बात कही थी। अब वह मुकर रहे हैं तो इसमें सरकार की गलती है। हमारी एक ही मांग है कि सही दाम पर हमारी फसल बिके। -जय सिंह, जलबेड़ा

उचित दाम नहीं
अभी मार्केट में सूरजमुखी की फसल के रेट नहीं मिल रहे हैं। इसलिए अभी मंडी में मेरी फसल सूख रही है फिर सही दाम नहीं मिले तो घर ले जाउंगा। -जगजीत सिंह, लंगर छन्नी


नुकसान होगा
15 किल्ले में सूरजमुखी की है, मगर सही रुपये नहीं मिल रहे हैं। अब मंडी में फसल सुखाने के लिए लाउंगा, मगर बेचूंगा नहीं, क्योंकि इतने दामों में तो नुकसान होगा। -मंजीत सिंह, मछौंडा




मांग जायज
किसानों की मांग जायज है। हम किसानों के साथ हैं। हमारी फसल के उचित रेट जब तक नहीं मिलेंगे विरोध जारी रहेगा। धरना भी जारी रखा जाएगा। सरकार मांग पूरी करे। -सुखचैन सिंह, भड़ौग
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