अंबाला। वर्ष 2016 में शुरू हुई छावनी की मोहड़ा अनाज मंडी में अभी तक चंद प्लॉट ही आढ़तियों ने खरीदे हैं। यहां करीब 200 दुकानों के प्लॉट हैं, जिसमें 170 दुकानों के प्लॉट खाली हैं। मंडी प्रशासन इसके लिए लगातार कोशिशें कर रहा है। बोलियां भी कराई जाती हैं मगर जिस संख्या में आढ़तियों द्वारा दुकानों को खरीदा जाना चाहिए था वह खरीद अभी तक दिखाई नहीं दे रही है।
वर्तमान में मंडी शुरू होने से अब तक 30 दुकानों के प्लॉट ही यहां पर बिके हैं। कुछ समय पहले ही मोहड़ा की अनाजमंडी में मंडी सचिव ने बोलियां कराई थी मगर इसमें कुछ ही बोलीदाता आए। इसमें भी एक दुकान का प्लॉट 66 लाख रुपये की लागत में बिका। ऐसे में मंडी प्रशासन के लिए भी अब दुकानों को बेचना एक चुनौती से कम नहीं है। यहां पर दुकानें न बिकने के कारण जंगली घास उगी हुई है वहीं शेड भी अक्सर खाली ही रहता है।
दुकानों के प्लॉट कम बिकने का यह है कारण
मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार मंडी काफी विशाल और सभी सुविधाओं से लैस है। मगर दिक्कत यह है कि बोलियां काफी महंगी जा रही हैं। इस कारण से आढ़ती अधिक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसको लेकर काम किया जा रहा है। जल्द ही समाधान निकाला जाएगा। क्योंकि मंडी तब ही रोशन होगी जब किसान और आढ़ती दोनों ही यहां पर आएंगे। किसान तब आएंगे जब आढ़ती यहां से व्यापार शुरू करेंगे।
किसानों के लिए है पर्याप्त सुविधा
मोहड़ा अनाज मंडी में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। यहां किसानों के लिए रेस्ट हाउस से लेकर शेड आदि की सुविधा है। मगर किसानों की आवक कम है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि यहां पर आढ़तियों की संख्या कम होने और क्रय विक्रय कम होने के कारण किसान अभी पर्याप्त मात्रा में आ नहीं पा रहे हैं। हाल ही में यहां पर किसान अपनी सूरजमुखी लेकर आए थे। मगर जब यहां किसानों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मंडी को खरीद केंद्र नहीं बनाया है इस कारण से यहां सूरजमुखी सिर्फ सुखाने के लिए लाए हैं।
मार्केटिंग बोर्ड जल्द दुकानों की कराएगा बोली
मोहड़ा अनाज मंडी में संसाधन बढ़ाने और किसानों काे लाने का कार्य मार्केटिंग बोर्ड ने शुरू भी किया है। मगर इसमें अधिक सफलता नहीं मिल पा रही है। मार्केटिंग बोर्ड ने फिर से दुकानों के प्लॉट की बोली लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह प्लॉट 20 बाई 50 के हैं। ऐसे में अब मार्केटिंग बोर्ड को आस है कि जल्द ही यहां पर आढ़तियों को आकर्षित किया जा सके ताकि मंडी के कार्य काे सुचारू किया जाए।
वर्जन
अभी तक 30 दुकानों की बोली कर बिक्री की जा चुकी है। प्लॉटों में रेट अधिक हैं इस कारण से आढ़तियों ने कम रुचि दिखाई। हम कोशिश कर रहे हैं कि आढ़तियों को अधिक से अधिक दुकानें आबंटित की जा सकें।-नीरज भारद्वाज, सचिव, नई अनाज मंडी मोहड़ा