अंबाला। कॉलोनियों की गलियों में कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। रविवार को सुबह छावनी के गांधी नगर में गुरुद्वारे के पाठी पर कुत्तों के हमले ने लोगों में भय का माहौल बना दिया। हमले के बाद जमीन पर खून ही खून बिखरा था। यहां तक कि कुत्तों के मुंह भी खून से सने थे। इस हमले में बाद इलाकावासी दिनभर सहमे रहे।
मोहल्ले में आज लोग हाथों में डंडे लेकर निकले। यहां तक कि बच्चों को भी गली में खेलने से रोके रखा। हालांकि घायल नरेंद्र और उसके परिजनों सहित स्थानीय लोग इलाका पुलिस चौकी भी गए, लेकिन वहां भी उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने यह कहकर लौटा दिया कि यह आवारा कुत्तों का मामला है तो इसका समाधान और शिकायत दोनों नगर परिषद कार्यालय में ही होगी। वो ही इसको लेकर कुछ कर सकेंगे।
आखिर में परिजनों ने कहा कि वह सोमवार को नगर परिषद कार्यालय व एसडीएम के समक्ष पेश होकर कुत्तों पर शिकंजा कसने की गुहार लगाएंगे। स्थानीय लोगों ने मानें तो अभी तक कुत्ते गली में ही करीब आधा दर्जन को काट चुके हैं।
वह बारहवीं कक्षा की छात्र है। दो माह पहले ही उसे गली में जाते हुए इन्हीं कुत्तों ने काट लिया था। उस समय भी टीके लगे थे।
कुमकुम, गांधी नगर
बेटे उदय को दो माह पहले स्कूल जाते समय कुत्तों ने काट लिया था। कई बार आवारा कुत्तों को पकड़ने की गुहार लगा चुके हैं। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं होती।
यश कुमार, गांधी नगर
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लंबे समय से वह आवारा कुत्तों से परेशान है। सबसे पहले गली में कुत्तों ने बेटी वैष्णवी को करियाना दुकान से सामान लेकर वापस लौटते समय काटा था। बाद में गली के यहीं कुत्ते सभी पर हमला करने लग गए थे।
पंकज, गांधी नगर
एक साल से नहीं हुआ टेंडर
कुत्तों की नसबंदी को लेकर टीकाकरण का टेंडर हुए लगभग एक साल का समय बीत चुका है। बावजूद इसके टेंडर जारी नहीं किया गया। पिछला टेंडर लगभग 980 रुपये प्रति कुत्ते की दर से कंपनी को दिया गया था। वहीं दूसरी तरफ कैंटोनमेंट बोर्ड ने 15 लाख रुपये का टेंडर जारी किया हुआ है और कंपनी के कर्मचारी रोजाना 15 से 20 कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करने और उनकी देख-रेख का काम कर रहे हैं।
कुत्तों के टेंडर को लेकर कार्रवाई चल रही है। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला भी है, उम्मीद है कि नए वित्तिय वर्ष में टेंडर लग जाएगा।
विनोद बैनीवाल, मुख्य सफाई निरीक्षक, नप सदर।
आवारा कुत्तों को लेकर नगर परिषद में शिकायत देनी होती है। कोई पालतु होता तो मालिक के ऊपर कार्रवाई बनती है। फिर भी उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
रामपाल, इंस्पेक्टर, महेश नगर थाना