अंबाला। छावनी क्षेत्र में टांगरी नदी का जलस्तर कम हो गया है। कई क्षेत्रों में पानी लगभग उतर गया है। मगर बारिश से हुआ जलभराव 10 दिनों से नई आबादी के लिए मुश्किल बन गया है।
जल की निकासी के लिए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, मगर किसी ने अधिक गौर नहीं किया। प्रशासन ने एक पंप सेट दिया, वह नाकाफी था। लिहाजा लोगों को अपने स्तर पर पंप सेट का इंतजाम कर पानी की निकासी करानी पड़ी, जो पंप सेट उनके खेतों में लगे थे अब वह उनके क्षेत्र से जलनिकासी कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक करीब डेढ़ फुट पानी जमा है। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है।
दिनरात चल रहे पंप सेट
क्षेत्र में लगाए पंप सेट को लोग रात-दिन चला रहे हैं और पानी निकाल रहे हैं। दूसरी तरफ खेतों और घरों में पानी कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। पानी के कारण किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। ये वे क्षेत्र हैं, जहां अक्सर लोग फूल और सब्जियों की खेती करते हैं। यहां रहने वाले वाशिंदों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने अपने खेतों में गुलाब के फूल और सब्जिया, हरी मिर्च, तोरी, घीया, लोबिया, पुदीना, भिंडी और गेंदे के फूल लगाए हैं। जोकि पानी के कारण खराब हो चुके हैं।
दो दिन पहले लगा प्रशासन का पंप
दो दिन पहले प्रशासन की ओर से नई आबादी स्थित खेतों में जमा पानी निकालने के लिए एक पंप से लगाया है। इसी तरह से नई आबादी स्थित लोगों के घरों में जलभराव के कारण करीब दर्जनभर परिवार एक सप्ताह से निर्माणाधीन धर्मशाला में शरण लिए हैं। लोगों का कहना है कि अभी तक उनके घरों से पूरी तरह पानी नहीं निकला है। वह सात दिन से यहीं पर अपनी गुजर बसर कर रहे हैं। अधिकतर लोगों के घरों में पानी के कारण रखा सामान भी खराब हो चुका है।