अंबाला। अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर नन्हेड़ा गांव के पास बन रहे ओवरब्रिज को चार साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक यह पूरा नहीं हुआ।
इसके बावजूद लोगों ने इस पर आवागमन चल रहा है जोकि वाहन चालकों के लिए कभी भी जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि ओवरब्रिज के तरफ दोनों रास्ते अभी अधूरे और उबड़-खाबड़ हैं। इन्हें पीडब्ल्यूडी की ओर से अभी समतल नहीं कराया है। हालांकि राहत की बात यह है कि ओवरब्रिज के मुख्य बेस को तैयार कर दिया है जोकि अब दोनों रास्ते से जुड़ गया है, इसलिए लोग अब अधूरी सड़क पर ही वाहन चला रहे हैं।
विभागीय लापरवाही बता रहे लोग
नन्हेड़ा फाटक पर ओवरब्रिज के निर्माण का कार्य रेलवे और पीडब्ल्यूडी के पास था। रेलवे ने पहले ही ब्लॉक लेकर अपने हिस्से का कार्य पूरा कर दिया था, लेकिन पीडब्ल्यूडी की धीमी कार्यशैली के चलते आज भी काफी काम लंबित है। इस कारण ओवरब्रिज के निर्माण में लगा ठेकेदार यहां किश्तों में कार्य कर रहा है और वो भी मुट्ठीभर कर्मचारियों के सहारे। जिस रफ्तार से ओवरब्रिज का कार्य चल रहा है, उसे देखकर लगता है कि आगामी छह माह तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा नहीं हो पाएगा।
कोरोना के बाद नहीं पकड़ी रफ्तार
मार्च 2020 में कोरोना आया था जोकि लगभग दो साल तक रहा। कोरोना काल के दौरान पूरे दो साल तक पुल का कार्य बंद रहा और जब यहां दोबारा कार्य शुरु हुआ तो उसकी रफ्तार काफी कम थी। इसके बाद किसान आंदोलन शुरु हो गया तो ओवरब्रिज के मुख्य हिस्से पर रखने वाला सामान ही नहीं आ पाया। अब मुख्य हिस्सा तैयार हो गया है तो दोनों तरफ के रास्तों का काम रुका पड़ा है।
दर्जनों कॉलोनीवासियों की लाइफ लाइन
रेलवे लाइन पर बन रहा ओवरब्रिज नन्हेड़ा गांव सहित कुलदीप नगर और दर्जनों कॉलोनी के वासियों के लिए एक बड़ी सौगात है। लोग इसी रास्ते से अंबाला छावनी की तरफ आवागमन करते हैं। ओवरब्रिज के अधूरे निर्माण के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइनें पार करनी पड़ती हैं। इस दौरान कई हादसे भी हो चुके हैं।
वर्जन
ऐसा नहीं है। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लगातार चल रहा है। दोनों रास्तों को दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्लयूडी, अंबाला।
नन्हेड़ा फाटक के ऊपर तैयार किया गया ओवरब्रिज का मुख्य हिस्सा। संवाद