अंबाला। पंजाब में जगह-जगह मांगों को लेकर रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से रेलवे का यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया। स्थिति यह बन गई कि ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को घंटों प्लेटफार्म पर ही इंतजार में बैठना पड़ा। उधर, यात्रियों ने रोष जताया कि बार-बार ट्रैक जाम की परेशानी से आमजन को निजात दिलाने के लिए सरकार को कोई ठोस कदम उठाने चाहिए जबकि कई यात्री टिकटें रद्द कर बसों के मदद से अपनी मंजिल पर पहुंचे।
उधर, रविवार किसान आंदोलन की जानकारी रेलवे स्टेशन पर आए किसी यात्री को नहीं थी। दोपहर लगभग 12.10 बजे कटरा से नई दिल्ली जाने के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस निर्धारित समय पर प्लेटफाॅर्म 1 पर पहुंची। इसके बाद 12.45 बजे चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी के आने का समय था जोकि नहीं आई। यह देख यात्रियों में हलचल मचने लगी और वो स्टेशन मास्टर के पास पहुंच गए।
स्टेशन मास्टर ने यात्रियों को समझाया और इसकी जानकारी तुरंत पूछताछ केंद्र पर तैनात कर्मचारी को दी। ट्रेनों की उद्धोषणा होते ही यात्रियों को राहत मिली। इस बीच रेलवे ने कंफर्म टिकट यात्रियों को देरी से चलने वाली ट्रेनों के संबंध में जानकारी भी भेजनी शुरू कर दी थी।
राहत : अंबाला से लुधियाना तक के रेल सेक्शन नहीं प्रभावित
पंजाब के किसान संगठनों की ओर से घोषित किए गए तीन घंटे के बंद का असर ट्रेनों पर नजर आया, वहीं राहत की बात यह रही कि किसानों ने अंबाला से लुधियाना तक के रेल सेक्शन को प्रभावित नहीं किया था जो ट्रेनें प्रभावित हुई वो जालंधर और अमृतसर सेक्शन पर प्रभावित रही।
यही वजह रही कि दिल्ली और सहारनपुर की तरफ से अमृतसर और कटरा जाने वाली ट्रेनों को उनके निर्धारित समय पर ही कैंट स्टेशन से रवाना किया गया जबकि लुधियाना से अंबाला की तरफ आने वाली आम्रपाली सहित कुछ अन्य ट्रेनें भी समय पर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
यात्रियों में गुस्सा
अंबाला-अमृतसर नेशनल हाइवे पर शंभू बैरियर के पास बैठे किसानों को लगभग एक साल से अधिक का समय बीत गया है। हाइवे बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें लंबा चक्कर काटकर राजपुरा और पंजाब की तरफ जाना पड़ रहा है। इस कारण अंबाला से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाले हाइवे पर भारी वाहनों का आवागमन हो रहा है।
इस हाइवे पर वाहनों की संख्या बढ़ने से अब अंबाला से चंडीगढ़ तक पहुंंचने में भी डेढ़ से दो घंटे का समय लग रहा है। वहीं किसानों ने अब रेलवे ट्रैक को बाधित करने का भी कार्य शुरु कर दिया है। कभी कोई समूह रेलवे लाइन पर बैठ जाता है तो कभी कोई लेकिन इसका खामियाजा उन यात्रियों को भुगतना पड़ता है जो बेवजह इस परेशानी को झेलते हैं।
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सरकार को निकालना चाहिए समाधान
बार-बार यात्रियों को ट्रेनें बाधित होने के कारण परेशानी झेलनी पड़ती है। घंटों-घंटों इंतजार करना पड़ता है। सरकार को इस समस्या का कोई ठोस समाधान निकालना चाहिए।
अनिल कुमार, दिल्ली
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किसानों से वार्ता कर निकालें समाधान
किसानों से सरकार को वार्ता कर कोई समाधान जल्द निकालना चाहिए। इस तरह से सरकार द्वारा अनदेखी केवल आमजन के लिए परेशानी बनती जा रही है। बार-बार रेलवे का यातायात प्रभावित करना सरासर गलत है।
सोनू त्रिवेदी, लुधियाना निवासी।