मुलाना। जैन स्थानक में जैन समाज ने पर्युषण महापर्व हर्षोल्लास व श्रद्धाभाव से मनाया। इस उपलक्ष्य में एसएस जैन सभा के तत्वावधान में चातुर्मास हेतु विराजमान महासाध्वी कैलाशवती की सुशिष्या उप प्रवर्तनी संथारा साधिका महासाध्वी कुसम प्रभा की सुशिष्याएं समता विभूति समता और साध्वी भविका महाराज के पावन सानिध्य में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया।
साध्वी समता ने श्रद्धालुओं को श्री अंतकृतदशांग सूत्र वाचन सुनाया। उन्होंने बताया कि पर्युषण का अर्थ है परि यानी चारों ओर से उषण यानी धर्म की आराधना। यह पर्व बुरे कर्मों का नाश करके हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। भगवान महावीर के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर हमें निरंतर और खासकर पर्युषण के दिनों में आत्म साधना में लीन होकर धर्म के बताए गए रास्ते पर चलना चाहिए। साध्वियों ने सुंदर भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। जैन सभा प्रवक्ता श्रीपाल जैन ने बताया कि एक अक्टूबर को आत्म शुक्ल शिव व कुसुम जयंती मनाई जाएगी। मौके पर प्रधान अशोक जैन, राममूर्ति जैन, उमेश जैन, नवीन जैन, अशोक जैन तलहेडी, रामकुमार जैन, भूषण जैन सहित महिलाएं व बच्चे मौजूद रहे।