अंबाला कैंट स्थित नगर परिषद का कार्यालय। फाइल फोटो
अंबाला। स्वामित्व योजना की आस एक बार फिर बंध गई है। अंबाला कैंट उपमंडल व नप प्रशासक के तौर पर सतिंद्र सिवाच की नियुक्ति हो गई है। हालांकि उन्होंने अभी अपना कार्यभार नहीं संभाला है, लेकिन उनकी नियुक्ति से अंबाला कैंट के लोगाें को काफी राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है कि अब लंबित 150 फाइलों का भी जल्द ही निपटान हो जाएगा और इससे उन्हें भी मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। नगर परिषद ने अपनी तरफ से इन दुकानों से संबंधित कार्रवाई को पहले ही पूरा किया हुआ और अब एसडीएम के फाइलों पर हस्ताक्षर का इंतजार है। हस्ताक्षर होते ही दुकानदारों को भुगतान से संबंधित विवरण साझा किया जाएगा ताकि वो सही समय पर पैसों का भुगतान करके दुकानों से संबंधित रजिस्ट्री करवा सकें।
पिछले एक माह से लंबित थी फाइलें
पिछले लगभग एक माह से स्वामित्व योजना की फाइलें अंबाला कैंट के एसडीएम लक्षित सरीन के पास लंबित थी। पहले उन्होंने स्वामित्व योजना से जुड़े नियमों की जानकारी हासिल करने में कुछ समय लगाया। इसके बाद दुकानों से संबंधित कुछ नियम बनाए। फिर जब डिमांड नोटिस तैयार हुए तो इसमें भी बदलाव करवाया। जब सारी प्रक्रिया पूरी हो गई है और दुकानदारों को भी आस बंध गई कि अब तो उन्हें दुकानों का मालिकाना हक मिल जाएगा। लेकिन उनकी यह आस अधूरी ही रह गई है एसडीएम लक्षित सरीन का अंबाला कैंट से कालका तबादला हो गया।
पहले 67 दुकानों की मिली थी सौगात
दिसंबर 2023 में अंबाला छावनी के अलग-अलग बाजारों की दुकानों की रजिस्ट्री हुई थी। इसमें कुछ दुकानें गांधी मार्केट की तो कुछ राय मार्केट सहित अन्य हिस्सों की थी। प्राप्त जानकारी अनुसार स्वामित्व योजना के तहत 67 दुकानदारों को इसका लाभ मिला था। लेकिन अचानक एसडीएम सतिंद्र सिवाच के छुट्टी पर जाते ही स्वामित्व योजना का कार्य अधर में ही लटक गया।
वर्जन
स्वामित्व योजना के तहत लगभग 150 दुकानों के दस्तावेज तैयार हैं। एसडीएम जैसे ही कार्यभार संभालेंगे तो सभी फाइलें उनके समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी ताकि हस्ताक्षर होते ही दुकानों के डिमांड नोटिस तैयार किए जा सकें।
जरनैल सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नप सदर।