छावनी में पंचदेव मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से पांच दिवसीय भगवान शिव कथा का आ
अंबाला। पंचदेव मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से पांच दिवसीय भगवान शिव कथा का आयोजन किया गया। जिसके चतुर्थ दिवस के अंतर्गत दिव्य गुरु आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी सतप्रेमा भारती ने कहा कि जैसा कहा गया है कि तुमरी लीला तुम ही जानो और न जाने कोए, इसलिए शिव तत्व को साक्षात शिव ही समझा सकते हैं। वह ही बार-बार प्रकट होकर अपने इस दुर्लभ तत्व को सुलभ करते हैं। उसका यह साकार स्वरूप ही गुरु नाम से अभिवंदित होता है। अत: जब शिव शंकर स्वयं ही गुरु बनकर देहाकार में अवतरित होते हैं, तब वही अपने शिवत्व का रहस्योद्घाटन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बहुत संभव है कि आपको गुरु और शिव की इस समानता को स्वीकार करने में कुछ कठिनाई हो, लेकिन ऐसे में आप स्वयं अपने अराध्य महादेव शिव के उद्रगारों का स्मरण कीजिए। कथा का समापन प्रभु की पावन आरती से किया गया।
छावनी में पंचदेव मंदिर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से पांच दिवसीय भगवान शिव कथा का आ