मुलाना। मारकंडा नदी का जलस्तर सोमवार रात को अचानक बढ़ने से जिला प्रशासन की धड़कने बढ़ गई। सुबह पानी आसपास के गांवों में मार कर रहा था लेकिन देर शाम के बाद से नदी का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया। देखते ही देखते पानी नेशनल हाईवे 344 तक पहुंच गया। स्थिति यह बनी गई कि पानी के कारण हाईवे के साथ लगे ढाबों में भी जलभराव हो गया। कहीं पानी हाईवे पर न पहुंच जाए इसको लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी पहुंच गए। इस कारण हाईवे का यातायात भी प्रभावित रहा।
सभी जलस्तर को लेकर चिंतित थे कि कहीं हाईवे पर पानी न आ जाए। हालांकि रात करीब 10 बजे के बाद जलस्तर कम होने लगा तो विभाग के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि, अधिकारी देर रात तक मारकंडा के जलस्तर पर नजर बना रखे हुए हैं। सोमवार शाम करीब छह बजे मारकंडा नदी 9.2 फीट पर बहने लगी थी। विभाग के अनुसार पानी करीब 45 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था जोकि इस वर्ष का रिकार्ड स्तर है।