अंबाला सिटी। अंबाला छावनी की तर्ज पर अब अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में भी डाइटिशियन नियुक्त कर दिया गया है। इससे पहले शहर नागरिक अस्पताल में कोई नियमित डाइटिशियन नहीं था लेकिन हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से अंबाला छावनी और शहर में 132 नए स्थायी स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई है।
इसमें अंबाला शहर को एक नियमित डाइटिशियन भी मिला है। सोमवार से कमरा नंबर आठ में वह अपनी सेवाएं देंगे और अस्पताल में आने वाले मरीज, गर्भवती और माताएं अपने स्वास्थ्य के लिए डाइट के लिए परामर्श देंगे। इसके साथ ही यदि मरीजों को वजन कम करने या अन्य किसी बीमारी संबंधी डाइट के लिए भी परामर्श लेना है वो भी मिलेगा।
बच्चे के विकास के लिए बेहतर डाइट जरूरी
अंबाला शहर नागरिक अस्पताल के नवनियुक्त डाइटिशियन रवि कुमार ने बताया कि जब बच्चा माता के पेट में होता है तो माता को बेहतर पोषण युक्त खान पान मिलना जरूरी होता है। इससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास भी बेहतर होता है। जिससे पैदा होने के बाद बच्चे को विभिन्न बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। वहीं दूध पिलाने वाली माताओं के लिए भी प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन व अन्य पोषक तत्व जरूरी होते हैं। बच्चे को छह महीने तक मां का दूध पीना जरूरी होता है। जिसके लिए माताओं को भरपूर पोषण तत्वों वाली डाइट लेनी चाहिए। इससे बच्चे का वजन भी बेहतर रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर होती है।
माताओं को मिल रही मिड डाइट
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में माताओं को बेहतर पोषण के लिए मिड डाइट के तौर पर विशेष आहार दिया जा रहा है। इसमें फल, सूखे मेवे, गुड़ चना और खजूर शामिल हैं। मिड डाइट से दूध पिलाने वाली माताओं को बेहतर पोषण मिलता है। यह डाइट अन्नपूर्णा द्वारा संस्थाओं के सहयोग से दी जाती है। सीधा लाभ बच्चे को होता है। यह कार्यक्रम पिछले छह महीने से चल रहा है।