अंबाला। अयोध्या में श्रीराम मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान नागरिक अस्पतालों में करीब बालकों का जन्म हुआ। इन परिवारों की मानें तो घरों में खुशी दोगुना हो गई। प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन से शुभ कोई दिन नहीं है।
उन्हें पहले से उम्मीद थी कि इस दिन की बच्चा हो। हालांकि वह बच्चों का नाम तो ज्योतिषियों की ओर से निकाले नाम पर रखेंगी, लेकिन बच्चों को राम स्वरूप ही मानेंगी। 22 जनवरी 2024 का दिन प्राण प्रतिष्ठा के चलते वैसे ही इतिहास में दर्ज हो गया है। बता दें कि अस्पतालों में प्रसव के लिए महिलाएं 22 जनवरी का दिन चुन रही थी।
मृगशिरा नक्षत्र में शिशुओं को जन्म देकर हर गर्भवती महिलाएं उस दिन को खास बनाना चाहती हैं। अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल की बात करें तो सोमवार को सुबह से रात 10 बजे तक नौ बच्चों ने जन्म लिया था। इनमें से पांच लड़के थे। बच्चों के जन्म के बाद परिजनों में खुशी का माहौल था और पूरे वार्ड में मिठाइयां बांटी। बता कि अंबाला सिटी, छावनी नागरिक अस्पतालों के अलावा प्राइवेट अस्पतालों में करीब 20 लड़कों ने जन्म लिया।
मां बोलीं- बालकों के रूप में मिले रामलला
छावनी नागरिक अस्पताल में दूधला मंडी निवासी रीना, कुरुक्षेत्र के समालखा निवासी मुस्कान, पानीपत के कृष्णा नगर निवासी ईशा, छावनी की रंगिया मंडी निवासी कोमल, छावनी निवासी ज्योति के घर पर लड़कों का जन्म हुआ। इन महिलाओं का कहना था कि लड़कों के रूप में उन्हें श्री राम चंद्र जी का प्रसाद मिला है। इस पावन दिन पर जहां अयोध्या मंदिर में श्री राम जी विराजमान हुए है वहीं हमारे घर में बाल स्वरूप राम की एंट्री हुई है। घरों में प्राण प्रतिष्ठा के साथ नय मेहमान आने पर आतिशबाजी का माहौल है। दूधला मंडी निवासी रीना का कहना था कि वह शुरू ही भगवान श्री राम के प्रति उनकी आस्था था और यह भी उनकी ही देन है।
छावनी नागरिक अस्पताल में दाखिल अंबाला छावनी दुधला मंडी निवासी रीना व उसका नवजन्मा बेटा
छावनी नागरिक अस्पताल में दाखिल अंबाला छावनी दुधला मंडी निवासी रीना व उसका नवजन्मा बेटा