मुलाना। धीन गांव स्थित अपने घर पहुंचने पर ओलंपिक में कांस्य पदक विजेता सरबजोत सिंह का भव्य स्वागत किया। सरबजोत ने परिजनों को अपने आने का सरप्राइज दिया। सरबजोत वीरवार देर रात करीब 12 बजे अपने घर पंहुचे। जहां उसके परिजनों को सरबजोत आने की कोई सूचना ही नहीं थी।
परिजन सरबजोत को देख आश्चर्य चकित रह गए क्योंकि परिजनों को सरबजोत के चार अगस्त को आने की सूचना दी गई थी। यह सब सरबजोत ने उन्हें सरप्राइज देने के लिए किया था। परिजनों ने भी सरबजोत की आने की खुशी में शुक्रवार सुबह एक स्वागत समारोह का आयोजन किया। इसमें सरबजोत के सभी दोस्त, रिश्तेदार, गांव वालों सहित मित्र प्यारे शामिल हुए।
मां ने कोच व सरबजोत को लगाया गले :
सरबजोत सिंह के घर पहुंचने पर सरबजोत की माता हरदीप कौर ने मेडल लेकर घर आए बेटे सरबजोत सिंह और उनके कोच अभिषेक राणा को गले लगाया। पिता जितेन्द्र सिंह और परिवार के सदस्यों ने बोले सो निहाल के जयकारे के साथ देश के हीरो सरबजोत सिंह का स्वागत किया। सभी ने सरबजोत को पुष्प मालाएं पहनाई। सरबजोत के साथ रिश्तेदारों, दोस्तों और ग्रामीणों ने फोटोशूट किया।
ढोल नगाड़े लेकर पंहुची पंचायत
ओलंपिक से ब्रांज मेडल जीतकर घर लौटे सरबजोत सिंह का धीन सरपंच सतविन्द्र सिंह की अगुवाई में पूरी पंचायत ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। इतना ही नहीं सरपंच सतविंद्र सिंह ने सभी को ढ़ोल पर भांगडा भी करवाया । जिसमें सरबजोत के पिता जितेन्द्र सिंह, माता हरदीप कौर, मासियां, मामा, ताया सहित सभी रिश्तेदार शामिल हुए । ग्राम सरपंच ने सतविन्द्र सिंह ने ग्राम पंचायत धीन की तरफ से सरबजोत सिंह को करपान भेंट की।
सरबजोत के पिता जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरबजोत ने देर रात घर आकर हम सभी को सरप्राइज दिया। बेटा ओलंपिक से मेडल लेकर घर आया है। घर पर जश्न का माहौल है। सभी खुश है। हमें पहले ही उम्मीद थी कि सरबजोत ओलंपिक से मेडल लेकर जरूर आएगा ।
सरबजोत के नाना ज्ञान सिंह ने बताया मेरे दोहते ने देश का नाम रोशन किया है। हमारे लिए बहुत बड़ी बात है। इसमें सरबजोत की मेहनत और परिवार का साथ का सबसे बड़ा योगदान रहा । हम सभी के लिए बहुत खुशी का दिन है।
सरबजोत के ताया रविंद्र सिंह भतीजे सरबजोत ने ओलंपिक में मेडल जीतकर इतिहास रचा है। सरबजोत की मेहनत काबिले तारीफ है। सरबजोत हमेशा अनुशासन में रहा है। इसके चलते सरबजोत ने यह मुकाम हासिल किया है। धीन ग्राम सरपंच सतविंद्र सिंह सरबजोत सिंह हमारे गांव का रहने वाला है। सरबजोत ने हमारे गांव धीन सहित देश का नाम विश्व में रोशन किया है। पूरे गांव को सरबजोत पर गर्व है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत धीन पंचायत स्तर पर होने वाले हर कार्य के लिए सरबजोत सिंह व उसके परिवार के साथ खड़ी है। सभी युवाओं को सरबजोत सिंह से प्रेरित होना चाहिए। सरबजोत की मासी गुरदीप कौर सरबजोत बचपन में भी निशाने लगाता रहता था । वह फल पर सटीक निशाना लगाता था । अब वह ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर आया है। इससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।