मंदिर में लगी श्रद्धालुओं की भीड़।
मुलाना। चौदस के पावन अवसर पर मां बाला सुंदरी मंदिर मुलाना में मां की दिव्य पिंडी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा। मंदिर प्रांगण में कपाट खुलते ही मां के जयकारे गुंजने लगे। श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी।
भीषण गर्मी में भी मां के भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। वहीं, मंदिर कमेटी सदस्यों और ग्रामीणों ने भीड़ में लगे श्रद्धालुओं के लिए पानी, निंबू पानी, जलजीरा और अन्य प्रकार से सेवा की। मंदिर प्रागंण सहित मुलाना में विभिन्न जगहों पर लोगों ने मां के अटूट भंडारों का आयोजन किया। रविवार की रात को माता मंदिर प्रांगण में मंदिर कमेटी द्वारा विशाल जागरण का आयोजन किया। इसमें जागरण पार्टी निर्मोही म्यूजिकल ग्रुप ने भजनों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं, मंदिर कमेटी द्वारा दंगल का आयोजन कराया। इसमें दूरदराज से आए पहलवानों ने दमखम दिखाया।
मंदिर कमेटी में पुलिस के प्रति रोष
मेले में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को नियंत्रित करने में मंदिर कमेटी को खूब पसीना बहाना पड़ा। कारण नवरात्र मेले से पुलिस का नदारद होना रहा। इसके चलते मंदिर कमेटी में मुलाना पुलिस के प्रति भारी रोष है। मंदिर कमेटी प्रधान सोमप्रकाश और सचिव अशोक राणा ने बताया कि मेले में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। पुलिस प्रशासन को बताने के बावजूद पुलिस मेले से नदारद रही।
चौदस वाले दिन पुलिस मेले में पहुंचकर औपचारिकता करने जरूर पंहुची। उन्होंने बताया कि रविवार रात को मंदिर प्रांगण में आयोजित जागरण में कहने के बावजूद मुलाना पुलिस नहीं आई । जबकि मंदिर प्रांगण में हजारों की भीड़ मौजूद थी । इसी प्रकार चौदस की सुबह को ही मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग गई थी लेकिन उन्हें संभालने का काम मुलाना पुलिस की बजाय मंदिर कमेटी सदस्यों ने किया। कमेटी सदस्यों के अनुसार पुलिस नवरात्र मेले में भी कुछ मिनटों के लिए आती थी जबकि मंदिर में भीड़ सुबह ही हो जाती थी और भीड़ होते ही पुलिसकर्मी गायब होते दिखे।
चौदस के दिन पुलिस ने मंदिर पहुंच औपचारिकता की। उन्होंने बताया कि इस बार मेले से एक मोटरसाइकिल व एक महिला के गले से सोने की चेन भी चोरी हो चुकी है। अगर पुलिस अपनी जिम्मेवारी समझती और मेले में मुस्तैद रहती तो ऐसा न होता। मंदिर कमेटी सदस्यों के अनुसार किसी थाना प्रभारी का इस प्रकार का रवैया पहली बार देखने को मिला है जोकि गैर जिम्मेदाराना है। मुलाना थाना प्रभारी ने बताया कि मंदिर परिसर में देररात्रि तीन पीसीआर खड़ी थी। पुलिस मंदिर परिसर और बाहर की जिम्मेदारी देख रही थी। मंदिर के भीतर की जिम्मेदारी कमेटी को देखनी चाहिए थी।