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Ambala News: पुरानी आबादी होगी एनडीसी मुक्त, मंत्री से मिले पार्षद

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शहर के नगर निगम कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा पार्षद व नेता।
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अंबाला सिटी। भाजपा पार्षदों ने निकाय मंत्री सुभाष सुधा से मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर के अंदर जो भी ओल्ड आबादी है और जिस एरिया में सात ए के प्रावधान नहीं लगते है, उस एरिया को एनडीसी मुक्त किया जाएगा और उस एरिया में कोई भी खसरा नंबर का खेल खेला नहीं जाएगा। इसके लिए भाजपा पार्षदों ने नगर निगम में पत्रकारवार्ता की।
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नगर निगम कार्यालय में भाजपा पार्षद मनीष आनंद मनी, सुंदर ढींगरा, रमेश मल, यतिन बंसल, गुरविंद्र मानकपुर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सितंबर 2022 में भाजपा के नगर निगम के सभी पार्षदों ने यह मुद्दा हाउस की बैठक में उठाया था। शहर में जो ओल्ड आबादी (पुरानी लिमिट) की एनडीसी को रोका गया था, जब भी कोई एनडीसी को लेने जाता था तो खसरा नंबर का खेल खेला जाता था, जिसको लेकर एक प्रोसिडिंग लिखी गई थी और पास होकर सरकार के पास गई थी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते वह पास नहीं हो पाई थी। इसको लेकर वह शुक्रवार को निकाय मंत्री सुभाष सुधा से मिले।
पुरानी लिमिट एरिया को किया अनअप्रूव्ड

पार्षद मनीष आनंद मनी ने कहा कि वर्ष 1974 से तत्कालीन नगर पालिका द्वारा नक्शे पास किए गए है और जहां धारा 7-ए लागू ही नहीं होती है। उस एरिया को अनअप्रूव्ड कर दिया गया था, जबकि यह क्षेत्र आबादी वाला क्षेत्र है। इसके चलते अंबाला की जनता परेशान थी। इसके लिए भाजपा पार्षद लगातार प्रयासरत थे कि इस ओल्ड आबादी (पुरानी लिमिट) को एनडीसी मुक्त किया जाए और आज निकाय मंत्री द्वारा इसे मंजूरी दे दी है।
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जनता की अधिकारियों को सुननी पड़ेगी

भाजपा नेता सुंदर ढींगरा ने कहा कि भाजपा के पार्षदों ने जो भी मुद्दा और जनता की जो भी आवाज उठाई है, उसका समाधान हुआ है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में शुक्रवार को निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने बड़ी कार्रवाई की है, क्योंकि नगर निगम के एक्सईएन व जेई से जनता परेशान थी ओर आज निकाय मंत्री ने इनको सस्पेंड कर दिया है। मंत्री सुभाष सुधा को बताया कि नालों की सफाई के लिए तीन-चार महीनों के लिए टेंडर देते है। हरियाणा में 10 नगर निगम में है, जिसमें नौ नगर निगमों टेंडर लगाए जाते है, लेकिन अंबाला शहर नगर निगम क्यों नहीं।
आउटसोर्स पर मिले सफाई कर्मी रखने की अनुमति

भाजपा नेता सुंदर ढींगरा, भाजपा पार्षद मनीष आनंद मनी, यतिन बंसल, रमेश मल, गुुरविंद्र मानकपुर ने कहा कि अंबाला शहर नगर निगम वर्ष 2010 की जनगणना के आधार पर बना था, जबकि उसके बाद नगर निगम की लिमिट को ओर बढ़ाया गया है। जिसके प्रत्येक वार्ड में 20 से 22 हजार के बीच जनसंख्या है। जिसके हिसाब से कम से कम प्रत्येक वार्ड में 50 सफाई कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन प्रत्येक वार्ड में औसतन 15 से 20 सफाई कर्मचारी ही है। जिनमें से कुछ सफाई कर्मचारियों की मृत्यु हो चुकी है और कुछ सेवानिवृत हो चुके है। पार्षदों का कहना है कि कुल 10 नगर निगम है और बाकी निगमों में आउटसोर्सिंग के आधार पर सफाई कर्मचारी रखें हुए है। केवल अंबाला नगर निगम में इस प्रकार के कर्मचारी नहीं रखे गए है। पार्षदों ने कहा कि अंबाला नगर निगम में आउटसोर्सिंग के आधार पर सफाई कर्मचारी रखने की अनुमति प्रदान की जाए।
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