अंबाला। छावनी में बड़ी परियोजनाएं तो आ गईं मगर इनको पूरा करने में नगर निकाय विभाग ढीला नजर आ रहा है। ऐसा तब है जब इनके लिए समय से पहले ही फंड भी उपलब्ध कराया जा चुका है। इसमें से कुछ को तो पांच साल से भी अधिक का समय बीत चुका है।
उल्लेखनीय है कि सर्किट हाउस में नप के जो अधिकारी कार्यों को पूरा करने की एक से दो महीना बता रहे थे। वही अधिकारी 18 दिन में तबादला लेकर अंबाला छोड़ चुके हैं। ऐसा तब है जब इस बैठक में डीसी डॉ. शालीन ने खुद भी कई बार अधिकारियों को डेडलाइन के मामले में चेताया था।
नगर परिषद सदर छावनी के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) रविंद्र सिंह और अभियंता (एक्सईएन) अजय पंघाल का तबादला हो गया है। तबादला आदेश मंगलवार देरशाम को सरकार ओर से जारी हुए। बुधवार सुबह ही दोनों अधिकारियों ने नप प्रशासक को रिपोर्ट की और निर्देशाें की पालना के तहत वो रिलीव होकर कार्यस्थलों की तरफ रवाना हो गए।
एक कालका तो दूसरा पंचकूला
नप के कार्यकारी अधिकारी रविंद्र सिंह को कालका नगर परिषद में इसी पद पर और नप के कार्यकारी अभियंता अजय पंघाल को पंचकूला निगम में तैनात किया है। उनकी जगह अब नप के ईओ जरनैल सिंह और एक्सईएन मंदीप सिंह होंगे।
सर्किट हाउस में 12 मई को हुई थी बैठक
12 मई को गृहमंत्री ने 117 विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली थी। इसमें नगर परिषद से जुड़े 78 विकास कार्यों पर जवाब तलब किए थे। एक-एक कार्य को जब सुना तो यही अधिकारी एक-एक कार्य में डेडलाइन दे रहे थे। किसी काम में एक महीना तो किसी में दो महीने की डेडलाइन दी। गौरतलब है कि नप के ईओ रविंदर सिंह ने नवंबर 2021 में तो कार्यकारी अभियंता ने सितंबर 2022 में पद ग्रहण किया था। दोनों अधिकारियों के स्थानांतरण की कार्रवाई चल रही थी, क्योंकि छावनी में लंबित परियोजनाओं के लिए गृहमंत्री खफा थे और वे बैठकों में चेतावनी भी दे चुके थे।
दोनों अधिकारियों के तबादला आदेश मंगलवार सायं को जारी हो गए थे। बुधवार सुबह दोनों रिलीव हो गए हैं। जल्द ही नवनियुक्त अधिकारियों को कार्यभार दिया जाएगा और लंबित परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
-निर्मल नागर, प्रशासक, नगर परिषद सदर।