12 क्रॉस रोड के निकट रहने वाली स्वास्थ्य विभाग की फोर्थ क्लास कर्मचारी के विरोध में उस समय इलाका वासी एकजुट हो गए। जब उन्हें पता चला कि उनके मोहल्ले में किराए पर रहने वाली कर्मचारी को विभाग ने होम क्वारंटीन किया हुआ है। मंगलवार सुबह एकजुट होकर लोग महिला कर्मचारी के घर पहुंच गए, जहां उन्होंने कर्मचारी से अभद्र व्यवहार किया। साथ ही उसे मोहल्ले से चले जाने का दबाव डालने लगे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद कोई रास्ता नहीं दिखा तो महिला कर्मचारी ने स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों से संपर्क किया। आनन-फानन में अस्पताल के संबंधित डाक्टरों ने तुरंत पुलिस सूचना दी। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। क्षेत्रवासियों का कहना था कि उनके इलाके में बच्चे से लेकर बुजुर्ग हैं। इस तरह तो उनके एरिया में कोरोना का संक्रमण फैल जाएगा। कर्मचारी को यहां न रखकर अस्पताल में दाखिल करना चाहिए। जबकि महिला कर्मचारी का कहना था कि वह सीधे तौर पर कोरोना संक्रमित के संपर्क में नहीं आई। एहतियात के तौर पर उन्हें होम क्वारंटीन किया गया है। बता दें कि गत दिवस अस्पताल में से रेफर हुआ ठरवा माजरी का मरीज कोरोना संक्रमित था। स्वास्थ्य विभाग ने रेफर करने के दौरान उसके संपर्क में आने वाले डाक्टर व अन्य स्टाफ को पांच दिन के होम क्वारंटीन कर दिया था। उसी के तहत महिला कर्मचारी भी अपने घर में थी। 29 अप्रैल को अब महिला कर्मचारी का सैंपल कोरोना टेस्ट के लिए भेजा जाएगा।