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जिले में अब हो सकेगी गंभीर रोगों की जांच

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अंबाला। उत्तर भारत की पहली राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की शाखा जल्द छावनी के नग्गल गांव में स्थापित होगी। राष्ट्रीय स्तर की इस शाखा में कई गंभीर, नए रोग, वायरस इत्यादि की जांच होगी और उनके आंकड़ों का विश्लेषण हो सकेगा। मंगलवार को इस संबंध में गृहमंत्री अनिल विज ने संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि शाखा को स्थापित करने के लिए जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।
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दिल्ली से आए केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक एवं एनसीडीसी निदेशक डॉ. अतुल गोयल, एनसीडीसी के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. सुनील गुप्ता आदि संबंधित अधिकारियों ने बैठक के बाद नग्गल में साइट का निरीक्षण किया। डॉ. अतुल गोयल ने बताया कि आगामी कुछ माह में शाखा को छावनी में संचालित कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में पुराने भवन में ही शाखा संचालित होगी। इसके साथ-साथ नए और आधुनिक भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, इसे आगामी कुछ वर्षों में पूरा किया जाएगा। साइट पर एक पुराना भवन है, जिसकी मरम्मत कर तीन से छह माह में शाखा को आरंभ कर दिया जाएगा। एनसीडीसी शाखा में किसी भी बीमारी की मॉनिटरिंग और सर्विलेंस होगी। हरियाणा के अलावा, पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से नमूनों की जांच और विश्लेषण का कार्य किया जाएगा।
चार एकड़ जमीन पर बननी है एनसीडीसी शाखा
छावनी के नग्गल क्षेत्र में चार एकड़ 11 मरले जमीन पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा एनसीडीसी शाखा को स्थापित किया जा रहा है। 20 करोड़ रुपये की लागत से पहले चरण में एनसीडीसी की शाखा के लिए चार मंजिला भवन बनेगा। इसके बाद द्वितीय चरण में यहां आधुनिक उपकरणों से लैस लैब स्थापित होगी। मंत्री विज ने बताया कि लैब में वायरस को जानने के लिए जीनोम सिक्वेसिंग हो सकेगी।
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उत्तर भारत का प्रमुख केंद्र होगा जिला
अब तक इस प्रकार के टेस्ट केवल दिल्ली स्थित एनसीडीसी में होते थे। अब नग्गल में इसके स्थापित होने से अंबाला उत्तर भारत का प्रमुख जांच केंद्र बन जाएगा। इससे समय की बचत होगी। समूचे उत्तर भारत से गंभीर और नई बीमारियों के सैंपल अंबाला स्थित लैब में चेक किए जाएंगे और जीवाणुओं पर रिसर्च भी यहीं पर की जाएगी। इसके बाद जांच में जो नतीजे आएंगे उसी हिसाब से इलाज का परामर्श स्वास्थ्य विभागों को दिया जाएगा। शाखा द्वारा विभिन्न वैक्सीन, दवाइयों व अन्य किट की उपलब्धता के लिए भी कार्य करेगा।
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