अंबाला सिटी। मेयर और विधायक विवाद में डिप्टी मेयर राजेश मेहता कूद गए। मेहता ने कहा कि पार्षद व मेयर जिन भी विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाते हैं, विधायक उसमें अपनी हाजिरी का दिखावा करते हैं। पत्रकार वार्ता में मेहता ने कहा कि शहर में कहीं कोई विकास कार्य नहीं हो रहे। यही कारण है कि अब विधायक नगर निगम में दखल अंदाजी कर रहे हैं। जिन भी कार्यों को पार्षद व मेयर विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाते हैं, विधायक उन कार्यों को करने में रोड़ा अटकाते हैं।
मेहता ने कहा कि मेयर शक्ति रानी ने बीते रोज विधायक को अन्य 32 विभागों का काम देखने के लिए कहा था, लेकिन उन विभागों की समस्याओं को विधायक हल नहीं करवा पा रहे और निगम में मेयर व पार्षदों के प्रयासों से हो रहे कार्यों का श्रेय खुद लेने का प्रयास कर रहे हैं। वह सरकार का हिस्सा हैं और उन्हें चाहिए कि वह लोगों की समस्याओं का हल करते हुए जनता हित में सरकार से बजट लेकर आएं। शहर का हर व्यक्ति एनडीसी न होने से हर परेशान है। इस संबंध में न तो विधायक ने कोई कोशिश की और न ही सरकार ने ध्यान दिया।
खुद का नगर निगम संभलता नहीं
विधायक प्रतिनिधि रितेश गोयल ने कहा कि 2014 में विधायक असीम गोयल ने डोर टू डोर कूड़ा क्लेक्शन का कार्य शुरू करवाया था। विधायक ने बारिश को देखते हुए मेनहॉल व सीवरेज, सिंचाई विभाग की ड्रेन की सफाई का कार्य शुरू करवाया। बनूड़ी नाके में 10 करोड़ की लागत से पानी की निकासी का काम विधायक ने किया। 2019 के बाद सरकार ने सभी विकास कार्य नगर दर्शन पोर्टल से करने शुरू किए।