अंबाला सिटी। पंचायत भवन के सामने दरगाह शरीफ हजरत बाबा पीर बहेड़े शाह औलिया चिशती रहमतुला अलेह की दीवार लोक निर्माण विभाग की सड़क पर आ रही है। इसको लेकर कोर्ट में चली लंबी लड़ाई के बाद अब पीडब्ल्यूडी एक्शन में आ गया है। विभाग ने दरगाह प्रबंधन को नोटिस थमाया है। इसके साथ ही निशानदेही भी करा ली है। इसमें दरगाह की दीवार का हिस्सा पीडब्ल्यूडी का निकलकर सामने आया है।
नोटिस के बाद विभाग ने दरगाह प्रबंधन काे कहा है कि या तो वह खुद ही दीवार हटा लें अन्यथा पुलिस प्रशासन की मदद लेकर दीवार को हटाने का काम किया जाएगा। ऐसे में इस मामले को लेकर दरगाह प्रबंधन भी चिंता में पड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। दरगाह शरीफ में गद्दीनशीन अकबर अली बताते हैं कि यह दरगाह काफी धार्मिक महत्व वाली है। यहां दूर-दूर से लोग आते हैं। उन्हें सबसे पहले पीडब्ल्यूडी की तरफ से वर्ष 1990 में पहला नोटिस आया था। इसके बाद वह इस मामले को वर्ष 1996 में सिविल कोर्ट में ले गए। जहां सुनवाई हुई और वर्ष 2004 में सिविल कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसके बाद से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया था। अब दोबारा से पीडब्ल्यूडी ने निशानदेही कराई है। इस मामले में हमने नई याचिका हाईकोर्ट में लगाई है।
कोर्ट ने दिए थे कार्यवाही के निर्देश
शिकायतकर्ता अधिवक्ता गोपाल कृष्ण गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले दरगाह प्रबंधन सिविल कोर्ट में गया था और पार्टी पीडब्ल्यूडी को बनाया था। इसके बाद मामला चलता रहा और फैसला आया था कि नियमानुसार कार्यवाही की जाए। नगर निगम ने दरगाह प्रबंधन को वर्ष 2009 के आसपास अतिक्रमण को लेकर नोटिस दिया। इसके बाद दरगाह प्रबंधन दोबारा सिविल कोर्ट में चला गया। सिविल कोर्ट ने फिर से नगर निगम विभाग को नियमानुसार कार्यवाही करने का फैसला सुना दिया। वर्ष 2021 में अधिवक्ता गोपाल कृष्ण गुप्ता ने इस मामले के लिए पीडब्ल्यूडी और नगर निगम से पत्राचार किया। पीडब्ल्यूडी ने नोटिस दिए तो नगर निगम ने कुछ भी नहीं किया। इसके बाद दरगाह प्रबंधन हाईकोर्ट की शरण में चला गया। यहां पर कहा गया कि दरगाह प्रबंधन की मौजूदगी में निशानदेही कराएं, मगल कोई कार्रवाई नहीं हुई। वर्ष 2023 में अब दरगाह की निशानदेही हुई तो दीवार का हिस्सा कब्जाया पाया गया। अब विभाग ने दीवार हटाने के लिए नोटिस थमाया है।
हाईकोर्ट के आदेश की अवेहलना, फिर शहर में किया अतिक्रमण
दूसरी ओर शहर के कालका चौक से लेकर नसीरपुर तक अतिक्रमण के मामले में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम ने कुछ वर्ष पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। अब नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया तो फिर से इस मार्ग पर कई प्रतिष्ठानों ने अतिक्रमण कर लिया है। जिससे कई बार जाम के हालात बन जाते हैं। इस मामले में नगर निगम ने ध्यान नहीं दिया तो फिर से मामला तूल पकड़ सकता है।
हमने दरगाह पर निशानदेही कराई थी। उनकी दीवार सड़क पर अतिक्रमण के रूप में आ रही है। दीवार हटाने के लिए नोटिस दिया है। अगर दीवार नहीं हटाई जाती है तो विभाग पुलिस प्रशासन की मदद लेकर हटवाएगा।
-दलबीर सिंह, एसडीओ, लोक निर्माण विभाग