अंबाला सिटी। दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए अब एनएचएआई की ओर से अध्ययन किया जाएगा। इससे पहले केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की ओर से इस पर यातायात सुगम करने का भरोसा दिया गया है।
दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई अहम शहर आते हैं और यह कई राज्यों को आपस में जोड़ने का काम करता है। इस कारण से सरकार के लिए दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग काफी अहम है। ऐसे में इस पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने की कवायद शुरू हो गई है। दो दिन पूर्व केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अंबाला में अपने दौरे के दौरान कहा था कि दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग को बनाने के दौरान कई दिक्कतें आईं थी। अब इस रोड को और अच्छा बनाने के लिए अध्ययन कर कार्य किया जाएगा, ताकि यहां यातायात सुगम हो।
दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर यह है दिक्कत
दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर रोजाना लाखों वाहन गुजरते हैं। अकेले सिर्फ अंबाला की बात करें तो यहां से रोजाना करीब 70 हजार वाहन गुजरते हैं। वीकेंड या त्योहारों पर यह संख्या बढ़कर एक से डेढ़ लाख तक पहुंच जाती है। ऐसे में कई बार देखा गया है कि इस मार्ग पर वाहनों की रफ्तार काफी धीमी हो जाती है। करनाल से चंडीगढ़ आते-आते तो लोगों को कई स्थानों पर जाम की दिक्कतों को झेलना पड़ता है।
लेन ड्राइविंग भी होती है प्रभावित
राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने के लिए लेन ड्राइविंग सिस्टम में वाहन चलाना होता है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने भी कई स्थानों पर अलग-अलग वाहनों के लिए लेन सिस्टम निर्धारित किया है, मगर इसके बावजूद कॉमर्शियल वाहन लेन सिस्टम में नहीं चलते हैं। इसको लेकर एनएचएआई के कहने पर पुलिस समय-समय पर चालान भी करती है। गौरतलब है कि दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग का करीब आठ वर्ष पहले कार्य पूरा हुआ है। ऐसे में यह जरूरी हो गया है कि यहां पर अध्ययन किया जाए कि किस प्रकार से इस मार्ग को और सुगम बनाया जा सकता है।