संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सरकारी संपत्ति का गबन व चोरी के मामले में नगर परिषद अंबाला छावनी में कार्यरत मुख्य सफाई निरीक्षक विनोद बैनीवाल सहित ठेकेदार मनीष और चालक मायाराम पर गाज गिर गई है। सीजेएम कंवल कुमार की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को तीन-तील साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं दोषियों को तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी भरना होगा।
जुर्माना न अदा करने पर तीनों को तीन-तीन दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। हालांकि कोर्ट ने तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया है। इस मामले में सरकार की तरफ से सरकारी अधिवक्ता पवन बिश्नोई ने पैरवी की। उल्लेखनीय है कि नगर निगम में स्क्रैप घोटाले का पर्दाफाश फरवरी 2016 में हुआ था और लगभग एक माह बाद मार्च में तत्कालीन संयुक्त आयुक्त गिरीश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। उन्होंने निर्धारित से अधिक सामान ले जाने वाली गाड़ी को पकड़ा था। जांच के दौरान इसमें काफी मात्रा में लोहे का सामान मिलास जो सूची में शामिल नहीं था।
इस संबंध में पकड़े गए तीनों लोगों से भी पूछताछ की गई थी। वे सही व स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाए थे। इसके बाद मामले को लेकर पुलिस को शिकायत दी गई और पुलिस ने विनोद बैनीवाल, मनीष कुमार व मायाराम के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया था। वहीं विनोद बेनीवाल का नगर निगम अंबाला सिटी से नगर परिषद अंबाला कैंट में तबादला कर दिया गया था।
संयुक्त आयुक्त ने शिकायत में बताया था कि नाहन हाउस निवासी मनीष कुमार द्वारा 10 फरवरी 2016 को नगर निगम परिसर में पड़ी स्क्रैप को उठाने का ठेका दिया गया था भारी लोहा व वाटर पंप पाइप से संबंधित सामान की बोली नही की गई थी। मनीष कुमार ठेकेदार ने 17 मार्च को नगर निगम के कर्मचारियों की मिली भगत से गाड़ी स्वराज माजदा में ले जाकर जब कांटे पर तुलवाया तो लोगो ने इसकी सूचना नगर निगम में दी और लोड गाड़ी को नगर निगम में लाया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि स्क्रैप के अतिरिक्त बिना बोली वाला लोहे का समान वाटर पंप आदि लोड किए हैं। यह कार्य मनीष कुमार ठेकेदार ने सफाई निरीक्षक विनोद बैनीवाल व निगम के अन्य कर्मचारियों के साथ मिली भगत करके सरकारी संपत्ति की हेराफेरी करके चोरी किया है। इस ट्रक को तंदवाल निवासी माया राम चला रहा था और विनोद बैनीवाल सफाई निरीक्षक ने यह ट्रक लोड करवाया था और इस सारे सामान का रिकार्ड भी विनोद बैनीवाल के पास था।