अंबाला। अंबाला में कई नामी पहलवान हुए हैं, जिन्होंने फ्री स्टाइल में दांवपेंच लगाकर नामचीन पहलवानों को अंबाला या फिर अन्य राज्यों में धूल चटाई है। अंबाला में 90 प्रतिशत से ज्यादा ऐसे पहलवान हैं, जो फ्री स्टाइल में कुश्ती कर रहे हैं। ओलंपिक में दो तरह की कुश्ती खेली जाती है, फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन। विदेशों में भी अधिकतर पहलवान फ्री स्टाइल और ग्रीको रोमन में कुश्ती लड़ते हैं जबकि भारतीय पहलवान ज्यादातर फ्री स्टाइल में कुश्ती खेलते हैं।
अजय पहलवान ने बताया कि उन्होंने शुरू से ही छावनी के रामबाग रोड स्थित हनुमान अखाड़ा में फ्री स्टाइल सीखी थी। इसके बाद से वह फ्री स्टाइल में कुश्ती करते थे। एक बार चंडीगढ़ में नेशनल के ट्रायल चल रहे थे। जब वह इन ट्रायल में भाग लेने के लिए वहां गए। तो ट्रायल में पता चला कि कुश्ती ग्रीको राेमन में होगी। यह सुनकर अजय सोच में पड़ गए लेकिन अजय ने 46 किलोग्राम भार में ग्रीको में कुश्ती लड़ी और जीत गए।
इस तरह तीन कुश्ती जीत गए। इसके बाद उन्हें कुश्ती जीतने पर स्वर्ण पदक मिला। इसके बाद उनका नेशनल में चयन हो गया। यह नेशनल राजस्थान के उदयपुर में होना था लेकिन वहां पर सेना का युद्ध अभ्यास होने के करण गर्मी ज्यादा हो रही थी। इसलिए अजय नेशनल में नहीं जा सके। इसके अलावा अजय ने फ्री स्टाइल में हरियाणा में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीते। उन्होंने 1998 में मथुरा में आयोजित सब जूनियर में भाग लिया। सन 2003 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप जो जींद के गांव नीडानी में हुई उसमें भी भाग लिया।
फ्री स्टाइल कुश्ती
इस कुश्ती में पहलवान पैरों का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा वह विरोधी पहलवान को कमर से नीचे या ऊपर से पकड़ कर दांवपेंच लगाते हैं। इस कुश्ती में विरोधी पहलवान को जमीन पर गिराने पर एक अंक मिलता है। इसी तरह से पहलवान को ऊंची जगह से गिराने पर दो अंक मिलते हैं। वहीं फ्री स्टाइल कुश्ती का समय तीन मिनट तक होता है।
ग्रीको रोमन कुश्ती
ग्रीको रोमन कुश्ती में पहलवान अपनी कमर से ऊपरी शरीर भाग का इस्तेमाल करते हैं। इस मैच में विरोधी पहलवान को ज़मीन पर गिराने पर एक अंक मिलता है। इसके अलावा विरोधी पहलवान की पीठ पर गिरने पर दो अंक मिलते हैं। ग्रीको रोमन कुश्ती का समय तीन मिनट तक होता है।