अंबाला सिटी। प्रदेशभर में चल रहे डायरिया रोकथाम अभियान के तहत बीते 18 दिनों में प्रदेशभर में सात हजार 961 मामले सामने आए हैं। सबसे अधिक नूह जिले में चार हजार 496 मामले देखने को मिले। यानी कुल के 50 फीसद मामले सिर्फ नूंह में ही देखने को मिल रहे है।
प्रदेशभर में अब तक 130 गंभीर मामले सामने आए हैं। जिला अंबाला की बात करें तो यहां पर स्थिति ठीक है।अब तक जिला अंबाला में 24 मामले सामने आए हैं। जबकि कोई गंभीर मामला अभी तक देखने को नहीं मिला है।वहीं करनाल में सबसे कम मामले सामने आए हैं। यह अभियान एक जुलाई से शुरू होकर 31 अगस्त तक जारी रहेगा।
इस दौरान बच्चों को डायरिया से बचाव के लिए अभिभावकों को जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही विभाग की ओर से बनाए गए ओआरएस केंद्रों पर बच्चों के लिए जिंक और ओआरएस घोल भी दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को हाथ धोने के बारे में कार्यशाला के माध्यम से बताया जा रहा है। जिससे डायरिया की समस्या न हो।
किस जिले में कितने डायरिया के मामले
जिला मामले गंभीर मामले
अंबाला 24 0
भिवानी 53 0
चरखी दादरी 271 0
फरीदाबाद 533 17
फतेहाबाद 93 0
गुरुग्राम 92 1
हिसार 480 0
झज्जर 60 1
जींद 17 0
कैथल 59 1
करनाल 5 0
कुरुक्षेत्र 572 3
महेंद्रगढ़ 194 0
नूंह 4496 0
पलवल 30 4
पंचकूला 254 0
पानीपत 39 0
रेवाड़ी 43 5
रोहतक 290 52
सिरसा 189 19
सोनीपत 71 0
यमुनानगर 96 0
ये आंकड़े 17 जुलाई तक के हैं।
प्रदेश भर में जुटी है 260 टीमें
डायरिया रोकथाम अभियान के लिए प्रदेशभर में 260 मोबाइल टीमें जुटी हुई है। डायरिया के लिए लोगों को ओरआरएस घोल बनाने के लिए प्रशिक्षण दे रही हैं। इसके साथ ही दस्त होने पर किस प्रकार बच्चे का ध्याना रखना चाहिए।इसके बारे में भी बताया जा रहा है। जिला अंबाला में 10 मोबाइल टीमें अभियान के लिए जुटी हुई हैं। मोबाइल टीमों द्वारा प्रदेश भर के एक लाख 22 हजार 551 बच्चों को ओआरएस और जिंक की गोलियां दी जा चुकी हैं।
वर्जन
सरकार के निर्देशों पर डायरिया रोकथाम के लिए अभियान जारी है। जिसमें बच्चों के लिए विशेषकर ओआरएस व जिंक की गोलियां दी जा रही है। साथ ही दस्त में दिए जाने वाले प्राथमिक उपचार के बारे में भी बताया जा रहा है। यह अभियान 31 अगस्त तक जारी रहेगा।
-डॉ. जशनप्रीत सिंह, बाल स्वास्थ्य अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, अंबाला।