संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। चंडीगढ़ में बच्चों में मंकी पॉक्स (हैंड, फुट और माउथ) के लक्षण मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुख्यालय ने इसके लिए अंबाला की सभी स्वास्थ्य विभाग की टीमों को सतर्क करने के लिए कहा है। इसके अलावा स्कूलों को भी बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देने के लिए कहा गया है। इससे कि अगर किसी भी बच्चे में मंकी पॉक्स वाले लक्षण मिलते हैं, तो तुरंत उसकी सूचना विभाग को दे।
विभाग का कहना है कि लक्षण मिलने पर तुरंत बच्चे का इलाज शुरू किया जाएगा। राहत की बात यह है कि अंबाला में अभी तक ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है, इससे स्वास्थ्य विभाग कुछ समय के लिए तो राहत की सांस ले रहा है। वहीं विभाग के अनुसार यह एक सामान्य बीमारी है, इसमें 5 से 7 दिन में दाने स्वयं ही ठीक हो जा रहे हैं, फिर भी स्वयं का बचाव रखना जरूरी है, थोड़ी लापरवाही भी बीमारी को बुलावा दे सकती है।
सीएमओ कुलदीप सिंह ने बताया कि जब से स्कूल खुले हैं, तब से इंफेक्शन ज्यादा तेजी से फैल रहा है। बच्चे सतर्क रहें। हाथ धोते रहें और इन्फेक्शन से बचें। हैंड, फुट और माउथ डिजीज बच्चों में पाई जाती है। इसके लिए कोई विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती है। सामान्य तौर पर यह एक हफ्ते के अंदर ही ठीक हो जाती है। अगर बच्चे में यह समस्या देखी जा रही है तो उसे स्कूल न भेजें। स्कूल भेजने से और बच्चों में यह संक्रमण फैल सकता है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी का खतरा पांच साल से कम उम्र के बच्चों को ज्यादा है। इसमें बच्चे को बुखार आता है और मुंह में छाले होने लगते हैं। बुखार आने के साथ ही बच्चे के हाथ, पैर और मुंह पर चकत्ते या दाने होने लगते हैं. इसमें बच्चों के शरीर के ज्वाइंट्स, हथेली और तलवों में दाने हो सकते हैं।
यह सावधानियां बरतें
माता पिता को सलाह की गई है कि बच्चे के बीमार होने पर उसे स्कूल न भेजें और उसकी जांच करवाएं। बच्चा एचएफएमडी से संक्रमित है तो स्कूल को इसकी जानकारी दें। जब तक बच्चा पूरी तरह से ठीक न हो जाए उसे स्कूल न भेजें। इस बीमारी को ठीक होने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है।
कैसे फैलती है यह बीमारी
यह बीमारी खांसने और छींकने से फैलती है। छालों से निकलने वाले तरल पदार्थ से भी इसका फैलाव होता है। संक्रमित बच्चे की लार, नाक या फेफड़ों से निकलने वाली बलगम से फैलती है। जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, उन्हें अधिक प्रभावित करती है।
हमारे पास अभी कोई निर्देश नहीं हैं। फिर भी हमने अपने स्तर पर स्कूलों का कहा है कि किसी बच्चे में एचएफएमडी या मंकी पॉक्स के लक्षण मिलते हैं तो तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। - सुधीर कुमार कालड़ा, डीईओ, अंबाला।
अंबाला में अभी तक हैंड, फुट और माउथ बीमारी का कोई भी मामला नहीं सामने आया है। हमारी ओर से सभी स्वास्थ्य विभाग की टीम को निर्देश दिया गया है कि वह विशेष रूप से ध्यान रखें। - कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।