अंबाला सिटी। धान कटाई का सीजन पीक पर है। ग्रामीण क्षेत्र से धान मंडियों में पहुंच रही है। मंडी में आवक ज्यादा हो रही है। खरीद भी धीमी चल रही और उठान न होने से मंडी अट गई है।
शहर नई अनाज मंडी में जगह न होने के कारण लोग सेक्टरों की सड़कों पर जाकर धान को सूखा रहे हैं। यही नहीं बारिश के कारण धान में नमी ज्यादा है, इस वजह से घर से ही धान को सुखाकर मंडी में लाया जा रहा है। कई दिनों तक घर पर ही धान सुखाई जा रही है। वहीं, खरीद एजेंसी की ओर से किसानों को 18 करोड़ से ज्यादा का भुगतान भी किया जा चुका है।
मंडी और खरीद केंद्र पर 122596.8 मीट्रिक टन खरीद
उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि जिले की 15 मंडी और खरीद केंद्र पर सरकारी व अन्य एजेंसी की ओर से 122596.8 मीट्रिक टन धान को खरीद लिया हैं। इन मंडी में अब तक 19407 किसान 204403.06 एमटी धान लेकर पहुंच चुके हैं। इन मंडी में एजेंसी की ओर से 26402.9 मीट्रिक टन धान के उठान कार्य को पूरा कर लिया हैं। डीसी पार्थ गुप्ता ने सभी एजेंसी के अधिकारियों को धान उठान कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी से धान खरीदने के बाद लिफ्टिंग के कार्य में जरा सी भी देरी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही किसानों की फसल के भुगतान राशि भी निर्धारित समयावधि के अंदर खातों में जमा होनी चाहिए। जो भी एजेंसी उठान व भुगतान कार्य में लापरवाही बरतेगी, उस एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 11 अक्तूबर तक अंबाला छावनी से 17319 एमटी, अंबाला शहर से 24931 एमटी, नन्यौला मंडी से 2528 एमटी, साहा मंडी से 10221.8 एमटी, मुलाना मंडी से 6537 एमटी, बराड़ा मंडी से 7917 एमटी धान खरीदा जा चुका हैं। उन्होंने कहा कि तलरहेड़ी मंडी से 3128 एमटी, केसरी मंडी से 3020 एमटी, उगाला मंडी से 278 एमटी, सरदहेड़ी मंडी से 897 एमटी, भरेड़ी कलां से 4881 एमटी, नारायणगढ़ मंडी से 22436 एमटी, शहजादपुर मंडी से 7504 एमटी, कड़ासन मंडी से 7800 एमटी, बेरखेडी मंडी से 3199 एमटी धान की खरीद का कार्य पूरा किया गया हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग ने 61996.8 एमटी, फूड फार्मर ने 9563 एमटी, हैफेड 56759 एमटी, हैफेड फार्मर ने 9222 एमटी, हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन ने 3841 एमटी धान खरीद की है।
इस बार देर से शुरू हुआ था सीजन
दरअसल, सितंबर माह में बारिश के कारण धान का सीजन देर से शुरू हुआ था। अक्टूबर शुरू होने के बाद ही सीजन शुरू हुआ था। अब खेतों में पानी होने से चेन वाली कंबाइन से कटाई करवानी पड़ रही है। धान गीली होने से किसानों को मंडी में कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी भी धान में होने से एजेंसी खरीद नहीं कर रही।