अंबाला सिटी। एनडीसी और प्रॉपर्टी आईडी को लेकर विपक्ष हमेशा से सरकार को घेरता रहा है, मगर इस बार सत्ता पक्ष के विधायक असीम गोयल इस पर सवाल खड़ा करते नजर आए। उन्होंने नगर निगम कमिश्नर प्रशांत पंवार के फैसले पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने सदन में यह तक बोल दिया कि नए आयुक्त ने अंबाला में आते ही एक ऐसा तुगलकी फरमान जारी किया जिससे लोग ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधि भी भटकने का मजबूर हैं। सभी पार्षद उनके फैसले से परेशान हैं। नगर निगम में जनप्रतिनिधि बनाम अफसरशाही की आपस में खींचतान दिखाई दे रही है।
शहर विधायक असीम गोयल ने विधानसभा सत्र के दौरान कहा कि एनडीसी को लेकर लोगों को भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। जब ऐसे परेशान लोग जनप्रतिनिधियों के पास जाते हैं तो उनके पास भी कोई समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि पहले जितने भी आयुक्त रहे उनके पास शहर की एक लिमिट रहती थी, उससे एनडीसी जारी हो जाती थी। आज के समय में ऐसी स्थिति हो गई कि एक भी एनडीसी जारी नहीं हो पा रही है। अधिकारी इसका कारण बताते हैं कि उनके पास शहर की लिमिट का कोई रिकार्ड नहीं है। न ही शहर नगर निगम के पास न ही मुख्यालय के पास कोई रिकार्ड है। यह बड़ा ज्वलंत मुद्दा है। इसके कारण 25 से 30 हजार रजिस्टरियों में प्रॉपर्टी मालिक अपने प्लॉट को बेचने या रिवाइज कराने के लिए भटकने को मजबूर हैं।
अंबाला में कोई निगम आयुक्त टिकता ही नहीं
विधायक असीम गोयल ने सदन को बताया कि पिछले आयुक्त के कार्यकाल में तीन हजार एनडीसी पास हुई थी। अंबाला में ऐसा क्या है कि कोई भी निगम आयुक्त यहां पांच से छह महीने से अधिक रुक ही नहीं पा रहा है। इस बात पर विपक्ष में बैठे निर्दलीय विधायकों ने भी शहर विधायक असीम गोयल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि एनडीसी की समस्या जब लोगों ने बताई तो यूएलबी के निदेशक से भी उन्होंने बात की, मगर आश्वासन के सिवाय कुछ समाधान नहीं हुआ। इसके साथ ही एनडीसी और प्रॉपर्टी आईडी का पोर्टल भी आपस में लिंक कर दिया है जिससे परेशानी आ रही है।