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Ambala News: ई-टिकट राशि में गोलमाल, सात परिचालक चार्जशीट, बुकिंग इंचार्ज तबदील

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अंबाला छावनी बस अड्डे पर ई-टिकट मशीन से यात्री को टिकट देता परिचालक। संवाद
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अंबाला। ई-टिकट राशि में लाखों रुपये का गोलमाल हो गया। यह गोलमाल हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो के परिचालकों ने किया। इसकी जानकारी जैसे ही महाप्रबंधक सहित उच्चाधिकारियों को मिली तो उन्हें पहले अपने स्तर पर इसकी जांच कराई, जो सही पाई गई।
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इसके बाद सात परिचालकों को चार्जशीट जारी करके जवाब मांग लिया, वहीं अंबाला डिपो में तैनात बुकिंग इंचार्ज का तबादला कर दिया । गौरतलब है कि लगभग तीन माह पहले हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो में कागजी टिकट को खत्म करके ई-टिकट की सुविधा शुरू की थी, जिससे कि यात्रियों और परिचालकों में होने वाले विवाद को खत्म किया जा सके। भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग सके। लेकिन इस सुविधा का ही अंबाला डिपो के परिचालकों ने दुरुपयोग कर दिया। प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये की तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी लालच में आकर हजारों रुपये के गोलमाल में फंस गए।
आठ लाख का गोलमाल
ई-टिकट की राशि को गोलमाल करने में सिर्फ सात कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कई हैं। इनमें से किसी ने 200 रुपये तो किसी ने लगभग एक लाख 68 हजार रुपये तक जमा नहीं कराए। ऐसे अभी तक यह मामला करीब आठ लाख रुपये के गोलमाल है। इस मामले में संलिप्त कर्मचारियों की संख्या 50 से 60 के बीच बताई है। हालांकि अभी विभाग ने मोटा गोलमाल करने वाले कर्मचारियों पर ही शिकंजा कसा है।
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एक गलती पड़ गई भारी
सोची-समझी साजिश के तहत परिचालकों ने इस गोलमाल को अंजाम दिया। उन्होंने सोचा कि ऐसा करने से वो पकड़ में नहीं आएंगे। यही गलती उनके गले की फांस बन गई। ई-टिकट मशीन के प्रशिक्षण के दौरान उन्हें एक विशेष जानकारी नहीं दी, जो अधिकारियों के संज्ञान में थी कि अगर कोई ई-टिकट की राशि या मशीन से गोलमाल करेगा तो वह पकड़ में आ जाएगा।
ऐसे किया गोलमाल
गोलमाल करने वाले परिचालकों ने ई-टिकट मशीन की ड्यूटी को इसका जरिया बनाया। इस दौरान बुकिंग इंचार्ज ने उनका लेखा-जोखा नहीं रखा। उदाहरण के तौर पर अंबाला से लुधियाना के लिए यात्रियों को ई-टिकट दी गई, लेकिन बीच रास्ते में परिचालक ने डिपो में फोन करके कहा कि मशीन में कोई दिक्कत है। इसलिए इसे एंड ड्यूटी कर दिया जाए। बुकिंग इंचार्ज ने भी परिचालकों पर विश्वास करके तुरंत एंड डिपो का बटन दबा दिया। इससे मशीन में दर्ज टिकटों का पूरा बयोरा खत्म हो गया। जबकि एंड ड्यूटी करने से पहले बुकिंग इंचार्ज को संबंधित मार्ग का रिकॉर्ड रखना था, जोकि उसने नहीं रखा। इसके बाद जब परिचालक दूसरे मार्ग पर बस लेकर गया तो उसने वहां की ई-टिकट राशि को ही डिपो में जमा करवाया, जबकि लुधियाना की ई-टिकट राशि को हजम कर गया।
ऐसे पकड़ में आए आरोपी
शक के आधार पर जब रोजाना चलने वाली बसों में डलने वाले डीजल और कमाई का मिलान किया गया तो इसमें काफी अंतर आया क्योंकि बस में लगे मीटर में किलोमीटर की संख्या अधिक थी। इसके बाद मुख्यालय के साथ जुड़े सर्वर को खंगाला गया तो सारा गोलमाल सामने आ गया कि परिचालकों ने दो जगह चक्कर लगाए और पैसे सिर्फ एक ही जगह के जमा करवाए।
वर्जन
कुछ कर्मचारियों ने ई-टिकट की राशि में गोलमाल किया था। लगभग सात कर्मचारियों को चार्जशीट दी गई है और बुकिंग इंचार्ज का तबादला करके उससे भी जवाब तलब किया गया है। परिचालकों ने गोलमाल की गई राशि को जमा करवाना शुरु कर दिया है। इसकी जानकारी मुख्यालय में भी भेजी गई है ताकि नियमानुसार जो कार्रवाई बनती है वो की जा सके।
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अश्वनी डोगरा, महाप्रबंधक, अंबाला डिपो।
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