अंबाला। सुहागिन महिलाओं का सबसे महत्वपूर्ण करवा चौथ का व्रत कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर रखा जाता है। तदनुसार यह व्रत पहली नवंबर को मनाया। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत के लिए सुबह से निर्जला व्रत रखा।
एकता विहार स्थित श्री शिव कुटीर मंदिर में पंडित सतीश शांडिल्य ने बताया कि रात को चांद की पूजा और जल अर्पित करते हुए व्रत को पूरा करती हैं। करवा चौथ में भगवान गणेश के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय की विधिविधान के साथ पूजा की गई। इसके अलावा करवा मां और चंद्रमा की भी आराधना की गई। मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके बाद विधि पूर्वक गणेश गौरी की विधिपूर्वक पूजा की गई और करवाचौथ की कथा का वर्णन किया गया।
नेहा के सिर करवा क्वीन का ताज
अंबाला। अंबाला ने एग्जाम लीडर्स की ओर से करवा सेलिब्रेशन अंखियों के झरोखों से आयोजित किया। इस दौरान प्रधान सोनाली गोयल ने बताया कि रुचि बजाज ने बन ठन चली गाने पर डांस प्रस्तुत किया। इसके बाद महिलाओं को खेल खिलाए।
इसमें सीए अंशु जैन विजेता रहीं। प्रीति अग्रवाल और सुमन पाठक ने सभी महिलाओं को करवा स्पेशल तंबोला खिलाया। इसे सभी महिलाओं ने मनोरंजन किया। कार्यक्रम में महिलाओं को ऑनलाइन खेल भी खिलाए गए। इसमें डॉ. पारुल गुप्ता, निशु अग्रवाल, शीना खट्टर विजयी रहीं। वहीं सरप्राइज गेम्स में रिया रस्तोगी और डॉ. पारुल गुप्ता ने बाजी मारी। बेस्ट परिधान प्रतियोगिता की विजेता तान्या तनेजा रहीं और नेहा गोयल ने करवा क्वीन का ताज अपने नाम किया।
बराड़ा में मनाया करवाचौथ
बराड़ा। महिलाओं द्वारा करवा चौथ का पर्व बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाया गया। महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत के साथ पूजा अर्चना कर पति की लंबी आयु की कामना की। इस दौरान पूजा, रिंपी, मेवा, कर्मजीत, देशो, अंजू, गुरमीत, रीना, पीलू, सोनिया, रानी, ऋतु आदि उपस्थित रही। करवाचौथ के चलते बाजारों में भी काफी रौनक रही।
बच्चों ने दिखाया हुनर
अंबाला। करवाचौथ के शुभ अवसर पर डीएवी पब्लिक स्कूल मॉडल टाउन के प्रांगण में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। कक्षा नर्सरी से तीसरी के छात्रों ने अपनी माता के लिए सुंदर-सुंदर कार्ड बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कक्षा चौथी एवं पांचवीं के छात्रों ने कलश सजा कर अपने हुनर को उजागर किया। कक्षा छठी से आठवीं के बच्चों ने सुंदर-सुंदर मेहंदी लगाकर अपनी कला का प्रदर्शन किया।
सुहागिन महिलाओं ने बिना अन्न-जल के विधिवत संपूर्ण किए करवा चौथ के व्रत
अंबाला सिटी। अंबाला सिटी और छावनी में करवा चौथ पर्व को लेकर सुहागिनों में काफी उत्साह देखने को मिला। वहीं सुहागिन महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत पूरे दिन बिना किसी अन्न-जल ग्रहण के श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर बड़ी ही धूमधाम से इस पर्व को मनाया।
करवा चौथ के मौके पर शहर की विभिन्न संस्थाओं के तत्वाधान में महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए। जिसमें हरियाणवी नृत्य, पंजाबी भांगड़ा, व विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं करवाई गई, वहीं शहर के विभिन्न मंदिरों व निजी कॉलोनी में शाम चार बजे से छह बजे तक करवा चौथ की विशेष कथा के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जहां पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु के लिए कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण करते हुए विधिवत पूजा अर्चना में भाग लिया। इस दौरान ज्यादातर सुहागिन महिलाओं की सांस विशेष रूप से इन कार्यक्रमों में उपस्थित रही। कथा व पूजा-अर्चना के समापन पश्चात सुहागिन महिलाओं ने अपनी सास व अन्य बुजुर्गों से आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं ज्योतिषियों का कहना है कि करवा चौथ की कथा सुनने पश्चात ही यह सुहागिनों का यह व्रत संपूर्ण माना जाता है।
रात्रि करीब आठ बजकर 16 मिनट पर चन्द्रमा आसमान में विराजमान हुए, तब सुहागिन महिलाओं ने चन्द्रमा के दर्शन पर पूजन आदि कर अपना व्रत संपूर्ण किया, इस दौरान सुहागिनों के पतियों ने विधिवत अन्न-जल और मिठाई आदि खिलाकर सुहागिनोंं का व्रत खुलवाया।
सिटी सेक्टर-8 की रूबल सिंगला ने बताया कि करवा चौथ पर सुहागिन महिलाओं विधिवत सुबह से रात्रि चन्द्रमा निकलने तक इस व्रत की भूमिका को निभाना चाहिए, इस व्रत में वह शक्ति है कि जिससे वह स्वयं भगवान से अपने पति को वापिस ले आ सकती हैं। करवा चौथ की संपूर्ण कथा में यह पूरा व्याख्यान विधिवत बताया गया है।
अंबाला सिटी में रहने वाली पारुल मित्तल ने बताया कि करवा चौथ पति-पत्नी के बीच में एक आस्था का प्रतीक माना जाता है, इस व्रत के रखने से दंपति के बीच गहरा रिश्तों का आधार कायम हो जाता है। इस व्रत को प्रत्येक सुहागिन को जरूर रखना चाहिए।
अंबाला सिटी की कोमल गुप्ता का कहना है कि करवा चौथ का पर्व बड़ी ही श्रद्धा पूर्वक मनाया जाना चाहिए, क्योंकि करवा चौथ का व्रत विशेष तौर पर पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इसलिए इस व्रत में किसी प्रकार की कोई भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
अंबाला सिटी की पूजा जिंदल ने बताया कि करवा चौथ पर्व सभी महिलाओं के जीवन में अहम होता है। इस व्रत के रखने से पति को दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिसके लिए शाम पांच बजे करवा चौथ की कथा श्रवण किया गया था।
इसी प्रकार भारत विकास नगर शाखा अंबाला शहर की ओर से करवा चौथ का त्योहार बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ साक्षी अग्रवाल महिला प्रमुख एवं परिषद् परिवार सदस्यों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस दौरान सभी सुहागिनों ने वंदे मातरम के जयकारे लगाए, वहीं कार्यक्रम के दौरान सुहागिनों ने विभिन्न गेम्स के कार्यक्रमों में भाग लिया। जिसमें समयबद्धता का पुरस्कार अलका अग्रवाल ने जीता, डॉ. रेखा शर्मा ने भजन प्रस्तुत किए, वहीं विभिन्न सुहागिनों ने डांस आदि किया। अलका अग्रवाल एवं सविता गुप्ता ने करवा चौथ को कैसे मनाया जाना चाहिए इस पर विस्तारपूर्वक बताया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा प्रस्तुत किए गए भजन, तंबोला गेम्स, डांडिया, व डांस आदि में विजेता रही प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में करवा क्वीन 2023 मानसी गोयल को चुना गया, सभी महिलाओं को रिर्टन गिफ्ट वितरित किए गए। कार्यक्रम में 28 सुहागिन महिलाओं ने भाग लिया, कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया गया।
शहजादपुर में भी आस्था से मना पर्व
शहजादपुर। सुहागिनों का पर्व करवा चौथ का त्योहार क्षेत्र में महिलाओं ने धूमधाम से मनाया। कार्तिक मास में पूर्णिमा के बाद कृष्ण पक्ष में चौथे दिन करवा चौथ का पर्व मनाया जाता है। विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए व्रत रखा। दोपहर में महिलाओं ने मिट्टी के बने शिव और पार्वती की मूर्ति रख अन्य महिलाओं के साथ मिलकर पूजा अर्चना की। दिनभर उपवास रखने के साथ महिलाओं ने सुबह से ही सज-धज कर चांद निकलने का इंतजार किया। पहले चांद का इंतजार और उसके बाद चांद का दीदार करते हुए चांद को जल देकर महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु की कामना के साथ करवा चौथ का व्रत पूरा किया।
श्री शिव कुटीर मंदिर में करवा चौथ कथा श्रवण करती महिला भक्तजन
श्री शिव कुटीर मंदिर में करवा चौथ कथा श्रवण करती महिला भक्तजन
श्री शिव कुटीर मंदिर में करवा चौथ कथा श्रवण करती महिला भक्तजन
श्री शिव कुटीर मंदिर में करवा चौथ कथा श्रवण करती महिला भक्तजन
श्री शिव कुटीर मंदिर में करवा चौथ कथा श्रवण करती महिला भक्तजन