संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। जिले की मंडियाें में अभी तक पांच लाख क्विंटल से अधिक मात्रा में गेहूं पहुंच चुका है। वहीं आवक का सिर्फ 25 प्रतिशत ही उठान हुआ है। दूसरी ओर मौसम का डर भी किसानों में बना हुआ है। हालात ऐसे हैं कि मार्केट कमेटी के पास किसानों की फसल बारिश से बचाने के लिए तिरपाल तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में किसान आढ़तियों की मदद लेकर अपनी फसल को बारिश को बचा रहे हैं।
वहीं शनिवार को हुई हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। एक तरफ लाखों क्विंटल गेहूं मंडियों में खुला पड़ा है लेकिन उठान धीमी गति से हो रहा है। ऐसे में अगर बरसात आई तो लाखों क्विंटल गेहूं खराब होने का डर बना हुआ है। मंडियों में जो भी शेड बने हुए है वे प्रर्याप्त नहीं है। ऐसे में गेहूं के भीगने का खतरा बढ़ जाता है।
किसानों का कहना है कि अगर बरसात होती है तो उन्हें आढ़तियों से ही तिरपाल लेनी पड़ती है। अभी तक मंडियों में कुल 513773 क्विंटल गेहूं पहुंचा है। सोमवार को विभिन्न एजेंसियों द्वारा 156588 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। सोमवार को 87250 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ है।
अप्रैल महीने में पश्चिमी विक्षोभ दूसरी बार एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग ने दोबारा फिर बारिश होने की संभावना जताई है। इसको लेकर 18 और 19 अप्रैल को येलो अलर्ट जारी किया है। इन दो दिनों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवा चलने की संभावना है।
वहीं, सोमवार को सुबह से शाम तक बादल छाए रहे। दिन में कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई। दिन का अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पिछले दो दिनों से मौसम खराब चल रहा है। बादल छाने से धूप की तपिश से राहत मिली है।
अंबाला शहर नई अनाज मंडी गेहूं के रखने के लिए शेड है। वहां पर बारिश के दौरान गेहूं को भीगने से बचाया जा सकता है। - दिलेल सिंह, मार्केट कमेटी सचिव अंबाला शहर।
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