अंबाला। भ्रूण लिंग जांच मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पकड़े गए सिटी नागरिक अस्पताल के चतुर्थी श्रेणी कर्मचारी नाहन हाउस निवासी मनोज को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। मंगलवार कोर्ट के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया। जबकि इस मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम का हाथ छुड़ाकर फरार हुए मुख्य आरोपी कुमार को पकड़ने के लिए पुलिस की दबिश जारी है।
बताया जाता है कि कुमार पहले भी इस तरह से मामले में संलिप्त था। अंबाला कैंट पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कार जब्त करने के बाद पुलिस कुमार की साइबर सैल की मदद से भी तलाश कर रही है। इसके अलावा दलाल जिस भी अस्पताल में गए थे वहां का भी रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। इसके अलावा अंबाला छावनी के अल्ट्रासाउंड केंद्र का भी रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं जहां डिकोय गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड हुआ था और आरोपियों ने रिपोर्ट देने के बाद लड़का होने का दावा किया था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग व पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है ताकि कोई शामिल हो तो उसे भी काबू किया जा सके। अंबाला कैंट जांच अधिकारी अनिल ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही फरार चल रहे आरोपी कुमार को काबू कर लिया जाएगा।
यह था पूरा मामला
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली थी कि छावनी नागरिक अस्पताल में गर्भवती महिलाओं को झांसे में लेकर भ्रूण लिंग जांच का खेल चल रहा है। विभाग ने पूरी प्लानिंग के साथ एक पांच माह की डिकोय गर्भवती महिला को तैयार किया और उसके जरिए मनोज से बातचीत शुरू कर दी। दलाल मनोज ने 45 हजार रुपये मांगे थे। पहले तो शनिवार को 10 हजार और फिर सोमवार को 35 हजार रुपये दिए थे।
ऐसे में दलाल पहले तो दूसरे आरोपी कुमार के साथ गर्भवती महिला को सिटी के एक सेंटर में लेकर पहुंचा और कार्ड पर गर्भवती महिला को रेफर करवाने के बाद और वहां से सीधा एक अन्य निजी अस्पताल ले गया। जहां पर सामान्य अल्ट्रासाउंड लिखवाने के बाद वह अंबाला कैंट अल्ट्रासाउंड रूम में पहुंचा। जहां दोनों ने महिला का अल्ट्रासाउंड को सामान्य करवाया और बोला कि बधाई हो कि लड़का होगा। ऐसे में टीम ने दलाल मनोज व कुमार को काबू कर लिया था। अंबाला कैंट थाने से पहले ही आरोपी कुमार स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी में से हाथ छुड़वाकर फरार हो गया था।