फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala News: जिले में चार साल बाद मलेरिया की दस्तक

विज्ञापन
स्वास्थ्य कर्मी पानी के बर्तन, कूलर व टंकियां चैक करते हुए।
विज्ञापन
अंबाला सिटी/शहजादपुर। बाढ़ के बाद अब डेंगू मलेरिया से स्वास्थ्य विभाग और लोगों की जंग शुरू हो गई है। पिछले चार वर्षों में सिटी के दुर्गानगर में एक महिला में मलेरिया का पहला केस मिला। इससे पहले वर्ष 2019 में मलेरिया के केस मिले थे। साथ ही डेंगू के अभी तक 10 मामले मिल चुके हैं। जिसमें से चार मामले वीरवार को नारायणगढ़ में मिले। इससे पहले छह डेंगू के मामले मिले थे।
विज्ञापन


डेंगू बुखार के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सीएचसी शहजादपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह के मार्ग दर्शन में चला। इसमें एमपीएचडबल्यू, आशा वर्कर तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी लोगों के घर-घर जाकर बुखार के केसों का सर्वे कर रहे हैं।
वहीं डॉ. संजीव सिंगला उप सिविल सर्जन, डॉ. सुनील हरि अंबाला के सहयोग से एसएमओ डॉ. तरूण प्रसाद द्वारा डेंगू रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सीएचसी क्षेत्र में स्वास्थ्य कर्मियों ने पानी की होदियां, टब, टंकियां, टायर आदि स्थान देखे।
विज्ञापन




ऐसे करें डेंगू से रोकथाम



डॉ. तरूण प्रसाद ने बताया कि तालाबों में गम्बूजिया मछली डालकर मच्छरों की पैदावार को रोका जा सकता है। यह मछली मच्छरों के लारवा को खा जाती है और मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया के मच्छरों को पैदा नहीं होने देती। एक मछली 100 से 300 लारवा खा जाती है।



लक्षण



संक्रमित होने के बाद डेंगू के हल्के लक्षण चार से सात दिनों के अंदर नजर आने लगते हैं। बच्चों और किशोरों में माइल्ड डेंगू होने पर कई बार कोई लक्षण नजर नहीं आता। इन लक्षणों में तेज बुखार के अलावा सिरदर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, आंखों में दर्द होना, त्वचा पर लाल चकत्ते होना आदि हैं। रक्त में प्लेटलेट काउंट की कमी होने लगती है।



बचाव

शरीर को हाइड्रेटेड रखकर डेंगू को कंट्रोल में रखना सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पीना चाहिए। डेंगू से बचने के लिए खुद को मच्छरों से बचाकर रखना जरूरी है। जितना हो सके मॉस्किटो रेपलेंट्स, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। अपने घर के दरवाजे और खिड़कियों को शाम होने से पहले बंद कर दें। शरीर को पूरी तरह से कवर करने वाले कपड़े पहनें। सुनिश्चित करें कि आसपास पानी जमा न हो। कूलर का पानी बदलते रहें। पानी को ढक कर रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें