अंबाला। प्रदेश में दक्षिण पश्चिम मानसून अपने समय पर आ गया, मगर बारिश के मामले में अभी तक पिछड़ा हुआ चल रहा है। अभी तक मानसून की बारिश ने अधिक खुश नहीं किया है। प्रदेश में ओवरऑल सीजन में 75 प्रतिशत कम बारिश हुई जबकि इस जुलाई में 66 प्रतिशत की बारिश में कमी रिकॉर्ड की गई है। जबकि अगर पिछले साल से तुलना करें तो इस समय अत्यधिक बारिश से कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बने हुए थे।
इस बार अभी भी गर्मी लोगों को सता रही है। कुछ दिन पहले बारिश का मौसम जरूर बना था मगर उस हिसाब से बदरा बरसे नहीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में 9 जिलों में तो सामान्य से भी काफी कम बारिश हुई है। इसमें कुरुक्षेत्र, जींद, हिसार, झज्जर, चरखी दादरी, साेनीपत, पानीपत आदि जिले शामिल हैं। वहीं जहां सामान्य बारिश हुई है उनमें सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, गुरुग्राम हैं। ऐसे में दक्षिण पश्चिम मानसून में बारिश कम होने से मौसम वैज्ञानिक चिंता में हैं।
यह जिले हैं रेड जोन में
कुरुक्षेत्र- 54.4 एमएम - 58 प्रतिशत कम
पानीपत- 67.6 एमएम- 49 प्रतिशत कम
जींद- 73.2 एमएम- 42 प्रतिशत कम
हिसार- 68.1 एमएम- 22 प्रतिशत कम
सोनीपत- 56.5 एमएम- 57 प्रतिशत कम
चरखी दादरी- 56.7 एमएम- 50 प्रतिशत कम
झज्जर- 81 एमएम- 21 प्रतिशत कम
फरीदाबाद- 94 एमएम- 28 प्रतिशत कम
पलवल- 67 एमएम- 31 प्रतिशत कम
ये जिले हैं यलो जोन में
हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कैथल, करनाल, रोहतक जिला यलो जोन में है। वहीं नूंह, महेंद्रगढ़, फतेहाबाद में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। यह बारिश के आंकड़े 1 जून से 15 जुलाई तक है। जिन जिलों में बारिश कम हुई है वहां सामान्य बारिश के आंकड़े से कम बारिश दर्ज की गई है।
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कल से मौसम में बदलाव की संभावना
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ मदन खिचड़ ने बताया कि राज्य में मौसम आमतौर पर 19 जुलाई तक परिवर्तनशील रहने की संभावना है। राज्य में 17 जुलाई तक मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आने की संभावना से राज्य में बारिश की गतिविधियां में कमी आने की संभावना है। इस दौरान राज्य के उत्तरी जिलों में कहीं कहीं हल्की बारिश परंतु पश्चिमी व दक्षिणी हरियाणा के जिलों में कुछ एक स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान हवा में बदलाव पूर्वी से उत्तर पश्चिमी होने से दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होने तथा वातावरण में नमी की मात्रा में गिरावट आने की संभावना है। इस के बाद 17 जुलाई रात्रि से मानसून की सक्रियता राज्य में एक बार फिर से बढ़ने की संभावना है जिससे 17 जुलाई रात्रि से 19 जुलाई के दौरान राज्य के ज्यादातर क्षेत्रों में हवा व गरज चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है