अंबाला। छावनी में सब डिविजनल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता, डीडराइटर, स्टांप वेंडर और टाइपिस्टों को तीन साल से वकील , डीडराइटर, स्टांप वेंडर और टाइपिस्ट कुमारी रुक्मिणी देवी हाल की जमीन पर अस्थाई तौर पर टीन के शेड के नीचे बैठे हैं। यहां पर ये मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
इसमें पीने का पानी का किसी भी तरह का कोई प्रबंध नहीं है। बारिश के समय परिसर में जमा पानी की निकासी नहीं है। परिसर में एक शौचालय बना है, जो गंदा और अधूरा है। शौचालय के लिए तहसील या फिर राजकीय पीजी काॅलेज के पास बने सुलभ शौचालय में जाने को मजबूर हैं।
पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं सड़क पर ही लोग व अधिवक्ता बाइक को खड़ा करते हैं। तीन साल में 10 से ज्यादा बाइक चोरी हो चुकी है। इसके अलावा कंपाउंड ने सामान और नकदी भी चोरी भी शामिल हैं। रुक्मिणी देवी हाल परिसर में बना अधिवक्ताओं के कंपाउंड में 60 के करीब अधिवक्ता हैं। इसके अलावा छह डीडराइटर, चार स्टांप वेंडर और करीब 30 टाइपिस्ट हैं। इस कंपाउंड में अंबाला छावनी, आसपास के क्षेत्र, दर्जनों गांव और साहा तक से करीब एक हजार लोग अपने अपने जमीन, रजिस्ट्री व अन्य काम करवाने के लिए आते हैं।
तीन साल बाद भी वकीलों, डीडराइटर और स्टांप वेंडर को अभी तक स्थायी तौर पर बैठने की जगह नहीं मिली है। इसके लिए वह उपायुक्त, एसडीएम और अन्य अधिकारियों को ज्ञापन के माध्यम से अवगत भी करा चुके हैं, लेकिन किसी भी अधिकारी ने उनकी समस्या का हल नहीं निकाला।
सब डिविजनल बार एसोसिएशन के प्रधान नवनीत मेहता का कहना है कि उपमंडल कार्यालय की बिल्डिंग के निर्माण के दौरान हमें आश्वासन दिया गया कि परिसर में ही सभी अधिवक्ताओं को जगह दी जाएगी। जहां पर वह अपने काम कर सकेंगे। लेकिन तीन साल से वह अस्थायी तौर पर असुविधाओं बैठे हैं और काम कर रहे हैं। अधिवक्ता प्रवीण कुमार राय ने बताया कि उपमंडल कार्यालय परिसर में बैठने के लिए जगह को लेकर एसडीएम से लेकर उपायुक्त तक ज्ञापन दे चुके है। लेकिन आज तक कोई हल नहीं निकला। सचिव अधिवक्ता संतोष कुमार ने बताया कि कम्पाउंड परिसर में एक शौचालय है वह भी अधूरा हमें तहसील और कालेज के पास बने शुलभ शौचालय में जाना पड़ता है। अधिवक्ता विकास नाथ ने बताया कि पिछले साल दिन में कंपाउंड में मेरे काउंटर से 35 हजार रुपये चोरी हो गए थे। जोकि आज तक नही मिले। इसके अलावा हमारे यहां से दस से ज्यादा बाइक व सामान भी चोरी हो चुका है।