मुलाना (अंबाला)। भारतीय सेना में तैनात शेरपुर गांव निवासी गुरप्रीत सिंह-32 शहीद हो गया। परिजनों को वीरवार सुबह करीब 10 बजे फोन पर भारतीय सेना अधिकारियों की ओर से इसकी सूचना मिली। गुरप्रीत सिंह लेह में तैनात था। बताया जा रहा है कि रविवार को गश्त के दौरान वह ग्लेशियर से नीचे गिर गया और पानी में बह गया। सेना की ओर से खोजबीन के बाद वीरवार को गुरप्रीत सिंह का शव मिला।
गुरप्रीत सिंह ने 10 साल पहले 2014 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। उसके पिता दलीप सिंह ने बताया कि वीरवार सुबह ही सेना के अधिकारियों का फोन आया कि गुरप्रीत शहीद हो गया है, हालांकि अधिकारियों ने कोई कारण नहीं बताया । इससे पहले गुरप्रीत सिंह चार जुलाई को ही घर से छुट्टी खत्म कर लेह क्षेत्र में ड्यूटी पर गया था। रविवार को गुरप्रीत सिंह के परिजनों को सेना से गुरप्रीत सिंह के लापता होने की खबर मिली थी। इसके बाद वीरवार को उसका शव मिला, जिसके बाद परिजनों को गुरप्रीत के शहीद होने की सूचना दी गई। विदित हो कि गुरप्रीत अपने माता-माता का अकेला बेटा था। उसकी एक बहन है। गुरप्रीत सिंह से अपने पीछे माता दविन्द्र कौर, पिता दलीप सिंह, दो बेटे सहजवीर सिंह , तेजवीर सिंह और पत्नी हरलीन कौर को छोड़ गया है।
हवाई रास्ते से आज अंबाला लाया जाएगा शहीद का शव
लेह में गुरप्रीत सिंह के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। गुरप्रीत सिंह का शव शुक्रवार को हवाई रास्ते से अंबाला लाया जाएगा, जिसके बाद गांव लाकर उसे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।