अंबाला। शहर के बस स्टैंड पर लगने वाले पांच सौ किलोवाट के ट्रांसफार्मर का काम अधर में है। मुख्यालय स्तर से अभी तक ट्रांसफार्मर के लिए बजट नहीं आया। इसके चलते लगने वाले ट्रांसफार्मर का काम भी शुरू नहीं हुआ।
ऐसे में विभागीय अधिकारियों की ओर से अप्रैल के अंत तक इलेक्ट्रिक एसी बसों के अंबाला की सड़काें पर चलाने की बात कही जा रही थी। जबकि आधा अप्रैल भी बीत चुका है। बताया जाता कि अंबाला में 20 इलेक्ट्रिक एसी बसें आनी हैं। लेकिन पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला की तरह अंबाला में भी ट्रायल के तौर पर पांच इलेक्ट्रिक एसी बसें आएंगी। इन बसों के संचालन के बाद ही धीरे धीरे बाकी की बसें आ जाएंगी।
शहर में लगने वाले चार्जिंग स्टेशन के लिए अंबाला के अधिकारियों ने पिछले महीने 320 किलोवाट लोड के लिए मीटर आवेदन किया था। इसके बाद बिजली कर्मचारियों को शहर के बस स्टैंड परिसर में अलग से ट्रांसफार्मर लगाया जाना था। इस ट्रांसफार्मर के माध्यम से चार्जिंग स्टेशन पर बिजली की आपूर्ति पूरी करनी थी। इसी के साथ ही अधिकारियों को 500 केवीए के ट्रांसफार्मर की व्यवस्था किराये के आधार पर करनी थी।
इसके साथ ही बस स्टैंड स्थित पानी की टंकी के पास इलेक्ट्रिक एसी बसों की धुलाई और साफ सफाई की व्यवस्था का प्रबंध भी किया जाना था। वहीं बस स्टैंड पर डीआईएमटीएस कंपनी की परिचालन टीम और वर्कशॉप में जेबीएम के लिए एक कमरा की व्यवस्था की जानी थी। लेकिन बजट न आने के कारण काम ही शुरू नहीं हो सका।