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Kisan Andolan: शंभू बॉर्डर पर तैनात सब इंस्पेक्टर और पंजाब के किसान की गई जान, हार्ट अटैक से हुई दोनों की मौत

Sat, 17 Feb 2024 12:06 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, अंबाला/पानीपत/पटियाला (हरियाणा)

सार

दो मौत होने के बाद बॉर्डर पर फिर से तनाव बढ़ गया। हार्ट अटैक से दोनों की मौत हुई है। बैरिकेड्स की ओर बढ़ रहे किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले बरसाए। कई लोग घायल हो गए।
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मृतकों का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एमसएपी की कानूनी गारंटी समेत 12 मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन में शुक्रवार को दो जानें चली गईं। शंभू बॉर्डर पर डटे एक किसान और उन्हें दिल्ली जाने से रोकने के लिए तैनात हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई। दोनों की मौत का कारण हार्ट अटैक आना है।

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पंजाब के किसानों ने आरोप लगाया है कि हरियाणा पुलिस के आंसू गैस के गोले चलाने से लोगों की हालत बिगड़ रही है और इसी वजह से दो मौत हुई हैं। किसान की मौत के बाद शुक्रवार को एकबार फिर शंभू बॉर्डर पर दो बार टकराव देखने को मिला। बैरिकेडिंग के पास आए प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने के लिए पुलिस ने फिर आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। इससे मची अफरा-तफरी में कई किसान घायल हो गए।

सोनीपत के खरखौदा गांव निवासी हीरालाल (57) जीआरपी में सब इंस्पेक्टर थे। वे पानीपत के चुलकाना स्थित अपनी ससुराल में ही रहते थे और दो महीने पहले समालखा की न्यू दुर्गा कॉलोनी में शिफ्ट हुए थे। उनकी समालखा जीआरपी चौकी में ही ड्यूटी थी। किसान आंदोलन के चलते 11 फरवरी को उनकी ड्यूटी शंभू बॉर्डर पर लगाई गई थी।
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अंबाला पुलिस प्रवक्ता के अनुसार 13 फरवरी को हार्ट अटैक आने के बाद हीरालाल कोमा में चले गए थे। तब से उनका इलाज अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में चल रहा था। शुक्रवार सुबह उनकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने मौत का कारण दिल का दौरा बताया है। हालांकि जांच के लिए बिसरा लैब में भेज दिया गया है। इसके बाद चुलकाना गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

दूसरी ओर, शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में पहुंचे बटाला (गुरदासपुर) के गांव चाचोके के एक किसान ज्ञान सिंह (70) की शुक्रवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई है। किसान ने सरकारी राजिंदरा अस्पताल में दम तोड़ा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि आंसू गैस के गोले के धुएं के कारण उनकी तबीयत खराब हुई थी।

पहले किसान को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। जानकारी के अनुसार ज्ञान सिंह के संतान नहीं है और उनकी पत्नी की भी कुछ समय पहले ही मौत हो चुकी है। वर्तमान में वह अपने भाई के साथ रह रहे थे।

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