कपाल मोचन मेले में जाने के लिए बस में बैठे श्रद्धालु।
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कपालमोचन के तीसरे दिन छावनी बस अड्डे पर श्रद्धालुओं का हुजूम देखने को मिला। पंजाब व हिमाचल से आए श्रद्धालुओं को संभालने के लिए रोडवेज कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान किसी श्रद्धालु का सामान कहीं छूट गया तो किसी का साथी बिछड़ गया। रोडवेज कर्मचारियों ने श्रद्धालुओं का गुम हुआ सामान व साथी ढूंढकर सराहनीय कार्य किया। कपाल मोचन मेले में बुधवार रात तक लगभग 62 बसों को रवाना किया गया। जिनमें लगभग 4 हजार श्रद्धालु मेला स्थल की ओर रवाना हुए। अड्डा इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया कि प्रत्येक रोडवेज कर्मचारी को विशेष हिदायत दी गई है कि वह सभी श्रद्धालुओं का मान-सम्मान करें और उन्हें स्नेह पूर्वक बसों में बैठाने की कार्रवाई करें।