अंबाला सिटी। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों एनक्यूएएस के तहत सोमवार को सिटी नागरिक अस्पताल में मुस्कान टीम के सदस्यों ने जांच के दौरान अस्पताल प्रबंधन को कुछ कमियों को ठीक करने के बारे में कहा।
टीम ने ट्राॅमा सेंटर की ओर जाते हुए धूप में पड़े हुए स्ट्रेचर को देखा तो उन्होंने प्रबंधन को इसमें सुधार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने आपातकालीन वार्ड से मरीजों को रेड वार्ड में शिफ्ट करने का सुझाव दिया। क्योंकि यहां अक्सर मरीजों की भीड़ रहती है। निरीक्षण करते हुए टीम ने एसएनसीयू, एनआरसी, बाल चिकित्सा और बच्चों की ओपीडी में भी व्यवस्थाओं को जांचा।
टीम के निरीक्षण के बाद अस्पताल के मानकों की रिपोर्ट निदेशालय में भेजी जाएगी। इसके बाद 100 अंकों में से 70 प्रतिशत अंक आने पर ही मुस्कान की मान्यता प्राप्त होगी। मान्यता मिलने के बाद केंद्र की ओर से एसएनसीयू, एनआरसी, बाल चिकित्सा और बच्चों की ओपीडी में प्रति बेड 10 हजार रुपए की राशि प्रत्येक वर्ष दी जाएगी।
यह मान्यता तीन वर्ष तक वैध रहेगी। तीन वर्ष के बाद फिर से व्यवस्थाओं की जांच होगी। जांच टीम में मध्य प्रदेश से आए बीएमओ डॉ आदर्श विश्नोई और देहरादून से आई एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आरती कपारवान शामिल रही।
मान्यता मिली तो मिलेगी सहायता राशि
सिटी नागरिक अस्पताल मानकों को पूरा करते हुए 100 में से 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करता है तो अस्पताल को प्रति बेड 10 हजार रुपए वार्षिक मदद मिलेगी। सिटी नागरिक अस्पताल में एसएनसीयू, एनआरसी, बाल चिकित्सा और बच्चों की ओपीडी में कुल 43 बेड है। इस प्रकार देखें तो मान्यता मिलने पर चार लाख 30 हजार रुपये की मदद मिलेगी। इससे बच्चों के उपचार में सुधार होगा।
फरवरी में हुआ था राज्य स्तरीय निरीक्षण
इसी वर्ष फरवरी माह में राज स्तरीय टीम की ओर से मुस्कान मान्यता के लिए जांच की गई थी। इसके बाद अब टीम उसके आधार पर निरीक्षण करने पहुंची है।