अंबाला सिटी। सड़क सुरक्षा नियमों को नए साल से सख्ती से लागू कराने को पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। मगर अभी इसके लिए हालात ज्यादा ठीक नहीं हैं। इसका कारण लगातार हो रहे सड़क हादसे हैं। कहीं न कहीं सड़क सुरक्षा के नियम दरकिनार हो रहे हैं।
सोमवार को अंबाला शहर और अंबाला छावनी में ऐसे कई मामले सामने आए, जिसमें लोग सड़क सुरक्षा नियमों की अवहेलना करते नजर आए। सिर्फ आम आदमी ही नहीं बल्कि कुछ समय पहले स्कूलों की बसें भी नियमों को ताक पर रखकर चल रहीं थीं। सड़क सुरक्षा के नाम पर लोग ही नहीं, बल्कि प्रशासन भी गंभीर नहीं है। यही कारण है कि सड़क पर हादसे हो रहे हैं। कहीं ट्रैफिक लाइटें नहीं हैं तो कहीं चेतावनी बोर्ड नहीं है। जहां चेतावनी बोर्ड हैं वहां नजरंदाज हो रहे हैं। ऐसे ही मामले सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी सामने आए। तब उन्होंने रिपोर्ट में कहा था कि राजमार्गों पर चेतावनियों को दरकिनार किया जा रहा है।
यहां हो रही नियमों की अनदेखी
पहला मामला
मानव चौक पर ट्रैफिक लाइट खराब
शहर के मानव चौक पर करीब डेढ़ साल पहले ट्रायल के लिए ट्रैफिक लाइटों को चलाया था। मगर अब डेढ़ साल से यह बंद है। यहां लाइट बंद होने से चारों तरफ से ट्रैफिक हादसे का कारण बन रहा है। यहां अक्सर जाम की स्थिति रहती है। इस चौक पर पांच रास्तों की ओर से लोग आते हैं। यहां जाम के कारण लोग एक-दूसरे से भिड़ते नजर आते हैं।
दूसरा मामला
नियम सख्त फिर भी तीन सवारी
यातायात नियम सख्त हैं। पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। रोजाना चालान हो रहे हैं। फिर भी लोगों की दोपहिया वाहन तीन सवारी ढो रहे हैं। सोमवार को पॉलीटेक्निक चौक पर ट्रिपलिंग करते वाहन नजर आए। इसी प्रकार अंबाला छावनी के गोल चक्कर के पास भी ट्रिपलिंग करते लोगों को देखा जा सकता है। यही हाल बाइक पर चलते हुए बात करने वालों का दिखाई दिया।
तीसरा मामला
लोडिंग वाहनों पर नहीं रिफ्लेक्टर
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दावा किया जा रहा है कि अभियान चलाकर वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाई जाएगी। इसके बावजूद कई लोडिंग वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं है। खासकर ई-रिक्शा और ऑटो पर भी रिफ्लेक्टर नहीं है। जबकि इनकी तादाद अंबाला शहर और छावनी में अधिक है। अंबाला शहर में भी यही हाल देखने को मिला वहीं अंबाला छावनी के रेलवे स्टेशन के पास खड़े होने वाले कई ऑटो पर रिफ्लेक्टर टेप नहीं दिखे।
नियमों की अनदेखी से यह हुए बड़े सड़क हादसे
हादसा-एक
डबल डेकर बस को ट्राले ने मारी टक्कर
पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश नंबर की बस श्रमिकों को लेकर हिमाचल जा रही थी। तभी सुबह के समय एक ट्राले ने पीछे से बस में टक्कर मार दी। इसमें कई सवारियों ने अपनी जान गंवाई थी। पड़ताल में पता चला कि बस को सड़क पर बिना पार्किंग लाइट जलाए खड़ा किया था। सवारियां बस के पास नीचे खड़ी थीं। इसके साथ ही बस में मानक से अधिक सवारी थीं।
हादसा-दो
टिपर और बस में भिड़ंत, 20 थे घायल
पंजोखरा साहिब गांव के पास दिसंबर 2023 में एक टिपर और सहकारी बस की टक्कर हुई। इसमें 20 सवारी बुरी तरह से घायल हो गईं, जबकि बस में 50 सवारी बैठी थी। इसमें बच्चे भी शामिल थे। बताया जाता है कि बस चालक तेज गति में बस चला रहा था और बस में गाने भी चल रहे थे। ऐसे में इस लापरवाही के कारण बस और टिपर की टक्कर हो गई।
स्कूल बसों में दिए थे सुधार के निर्देश
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक से पहले अधिकारियों ने 51 स्कूल बसों का निरीक्षण किया था। जिसमें कमियां मिलने के बाद स्कूल प्रबंधन को नोटिस थमाए थे। इसमें से कई स्कूलों ने अपने यहां सुरक्षित वाहन नीति के तहत वाहनों में कमियों को दूर करने का काम किया है। मगर अभी भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां पर स्कूल बसों में कमियां देखने को मिल रही हैं।
वर्ष 2022 की तुलना में 2023 में अधिक मौत
सड़क हादसों के दौरान मौत का आंकड़े देखें तो अधिक मौतें वर्ष 2023 में हुईं हैं। वर्ष 2022 में 238 मौतें हुई थी। ऐसे में इन मौतों को 20 फीसद कम करने के लक्ष्य के साथ वर्ष 2023 में विभाग आगे बढ़े थे। मगर वर्ष 2023 में 254 मौत हो गईं। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं है। यही कारण है कि इस साल सड़क सुरक्षा प्रशासन और सड़क सुरक्षा समिति के लिए भी चुनौती है।
अंबाला सिटी के पॉलीटेक्रिक चौक से तीन सवारियों सहित गुजरता दोपहियां वाहन ।
अंबाला सिटी के पॉलीटेक्रिक चौक से तीन सवारियों सहित गुजरता दोपहियां वाहन ।
अंबाला सिटी के पॉलीटेक्रिक चौक से तीन सवारियों सहित गुजरता दोपहियां वाहन ।