अंबाला। विश्व धरोहर रेल सेक्शन कालका-शिमला पर स्वचलित मल्टीपल हाइड्रोलिक यूनिट और पैनोरमिक कोच का परीक्षण नए सिरे से होगा। हालांकि पिछले दिनों हुए ट्रायल की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं हुई है। वहीं, इन नए कोच वाली ट्रेनों के संचालन को लेकर अंबाला मंडल की ओर से भी इंतजार किया जा रहा है जबकि पहले ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान इन ट्रेनों के संचालन की योजना तैयार की गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले वर्ष तक यह मामला लंबित हो सकता है। वहीं, मंडल अधिकारियों का कहना है कि अभी आरडीएसओ ने उन्हें फाइनल रिपोर्ट नहीं सौंपी है, जैसे ही रिपोर्ट मिलेगी इसके बाद ही किराए और समय सारिणी को लेकर आगामी कार्रवाई आरंभ हो पाएगी।
कई बार हो चुका ट्रायल
स्वचलित मल्टीपल हाइड्रोलिक यूनिट का पहला परीक्षण 18 दिसंबर को किया गया था जोकि कालका से धर्मपुर के बीच में था और यह सफल रहा था। इसके बाद अगला परीक्षण 19 दिसंबर को धर्मपुर से सोलन के बीच और तीसरा परीक्षण 20 दिसंबर को कालका से शिमला तक किया गया था जोकि पूर्ण तरह से सफल रहा था। इसके बार फरवरी माह से अब तक कई परीक्षण हो चुके हैं। बावजूद इसके अभी आरडीएसओ अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाए हैं।
यह है विशेषता
इस यूनिट में इंजन सहित तीन कोच लगाए गए हैं जोकि आधुनिक सुविधाओं से लैस शताब्दी की तर्ज पर तैयार किए गए हैं।स्वचलित हाइड्रोलिक मल्टीपल यूनिट के चलने से यात्रियों के समय की बचत होगी और वो एक घंटा पहले ही गंतव्य पर पहुंच सकेंगे क्योंकि यह यूनिट 25 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने में सक्षम है जबकि मौजूदा समय में जो ट्रेनें चल रही हैं वो 20 से 22 किमी प्रतिघंटा रफ्तार से चल रही हैं। ट्रेन के तीन कोच में 61 यात्री सफर कर सकते हैं। पहले और अंतिम कोच में 19-19 और बीच वाले कोच में 23 यात्री बैठेंगे। यह कोच चेन्नई की रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किए गए हैं। इन कोचों में वाई-फाई, एसी, हीटर, एलईडी की भी सुविधा है।
पैनोरमिक कोच
कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे ट्रैक पर पैनोरमिक विस्टाडोम ट्रेन का भी ट्रायल चल रहा है जोकि 25 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से नैरोगेज लाइन पर दौड़ने में सक्षम है। इस ट्रेन का भी कई बार ट्रायल हो चुका है। इस पैनोरमिक विस्डोम ट्रेन में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इस ट्रेन में लगे एसी कोच पूरी तरह से साउंड प्रूफ हैं। इसके अलावा एयर ब्रेक सिस्टम, बढ़े शीशे वाली खिड़कियां और छत सहित मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी मिलेगी।
अभी दोनों ट्रेनों के ट्रायल चल रहे हैं, जो पीछे ट्रायल किया गया था, उसकी भी रिपोर्ट नहीं मिली है। आगामी एक दो माह में कुछ और परीक्षण हो सकते हैं। जैसे ही आरडीएसओ से ग्रीन सिग्नल मिलेगा तो ट्रेन के संचालन को लेकर मंडल स्तर पर कार्रवाईआरंभ कर दी जाएगी।
नवीन कुमार, वरिष्ठ मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला।
कालका-शिमला रेल सेक्शन पर चल रहा पैनोरमिक विस्टाडोम कोच का ट्रांयल। रेलवे