अंबाला सिटी। दहेज के लिए पत्नी को परेशान करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अदालत ने वीरवार को पति को दोषी करार देते हुए चार साल की कैद और 7 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश अग्रवाल की अदालत ने गांव सुभरी वासी दोषी सुखविंदर सिंह को जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा काटने के आदेश दिए हैं। गांव जड़ौत वासी मृतका रुस्तम के पिता पाला राम की शिकायत पर वर्ष 2017 में बराड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया था। पालाराम के अनुसार दस साल पूर्व उन्होंने छोटी बेटी रुस्तम की शादी सुखविंद्र से की थी। सुखविंद्र उसे दहेज के लिए तंग करता था। 18 जुलाई 2017 को सुखविंद्र ने पाला राम को रुस्तम की मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। पाला राम ने आरोप लगाया था कि दहेज के लिए उनकी बेटी को इतना प्रताड़ित किया गया कि उसने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इसी मामले में सुखविंदर सिंह को वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुखविंदर सिंह को दोषी करार दिया और सास ओमवती व जेठ दर्शन सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।