अंबाला। छावनी नागरिक अस्पताल में दो दिन से अंडरग्राउंड वायरिंग में फाल्ट आने की वजह से ठप सेंट्रल एसी ने मरीजों की बेचैनी बढ़ा रखी है। सोमवार को यह नजारा था कि वार्डाें में भले ही पंखे चल रहे थे, लेकिन उमस ही उमस थी।
मरीजों की मानें तो बेचैनी बढ़ रही थी। इतना ही नहीं अस्पताल के सभी वार्डों के बाहर लगे वेटिंग एरिया में पंखें नहीं होने के कारण तीमारदारों के पसीने छूट रहे थे। महिलाएं हाथ में चुन्नी और गत्ते लेकर खुद को हवा करती नजर आई। इसका सबसे ज्यादा असर बंद वार्डाें पर देखने को मिला। खासकर प्रसूति वार्ड और निक्कू वार्ड के लोग परेशान रहे।
अस्पताल प्रबंधन के पास शिकायतें पहुंचने के बाद दिनभर कर्मी फाल्ट को ढूंढकर दुरुस्त करने में लगे रहे। इसके लिए बिजली कर्मियों को अस्पताल परिसर की टाइलें तक उखाड़नी पड़ी। इतना करने के बावजूद उन्हें केवल ट्रांसफार्मर से सेंट्रल एसी प्लांट तक जाने वाले तार मिले। सोमवार रात तक फाल्ट को दुरुस्त करने का काम चलता रहा।
बताया जाता है कि जब बाढ़ के समय भारी बारिश हुई थी तो अस्पताल परिसर की भीतर अंडरग्राउंड तार पर भी काफी असर पड़ा था। उस समय फाल्ट आया था लेकिन वो दुरुस्त हो गया था। लेकिन दो दिन पहले फिर से किसी दूसरी तार में भी फाल्ट आ गया था और वो मिल नहीं रहा था। इस संबंध में छावनी नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. राकेश सहल ने बताया कि सेंट्रल एसी के तार में खराबी आ गई थी और उसे दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी लगे हुए हैं। जल्द ही उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।
उमस से बुरा हाल : महेश
मरीज महेश ने बताया कि वह अस्पताल में 15 दिन से दाखिल है। दो दिन से सेंट्रल एसी नहीं चलने पर कमरों में उमस ही उमस है। पंखे चलने पर भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। अभी तक उसे दुरुस्त करने की बोल रहे थे लेकिन नहीं हुआ।
पंखा भी नहीं चला : हरबंस
मरीज हरबंस ने बताया कि वह चार दिन से दाखिल है। दिन के समय तो कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन रात के समय वेटिंग एरिया में सोने वाले परिजनों को दिक्कत होती है। पंखा भी न होने के कारण वह गर्मी से बेहाल रहते हैं।