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हनीट्रैप : सुभाष की जमानत याचिका पर सात को सुनवाई

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अंबाला। एफसीआई कर्मचारी को हनीट्रैप मामले में फंसाने के मामले में पूर्व महेश नगर थाना प्रभारी रोहतक निवासी इंस्पेक्टर सुभाष की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। अंबाला व यमुनानगर में हनीट्रैप का मामला दर्ज होने के बाद इंस्पेक्टर सुभाष को अभी तक अग्रिम जमानत नहीं मिली है। वीरवार को कोर्ट में सुनवाई होनी थी लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया। अब कोर्ट ने आरोपी की पैरवी कर रहे एडवोकेट मान सिंह की अपील पर सात नवंबर को सुनवाई करने का फैसला लिया है। इस दौरान कोर्ट में डीएसपी व सीआई-2 टीम के जांच अधिकारी मौजूद रहे।
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पहले कोर्ट में दो नवंबर को सुनवाई थी लेकिन कोर्ट में सीआईए-2 ने जमानत पर आपत्ति जता दी थी। कहा था कि इंस्पेक्टर सुभाष ने यमुनानगर में योजनाबद्ध ढंग से पहले एक व्यापारी को झूठे मुकदमे में फंसाया फिर उससे 35 लाख ऐंठ लिए। मामले में अब इंस्पेक्टर वांछित आरोपी है। ऐसे में उसकी जमानत मंजूर न की जाए। अंबाला वाले मामले में इंस्पेक्टर से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल बरामद करना है। उससे वह उसके साथियों से बातचीत और चेट करता था। इंस्पेक्टर सुभाष को जमानत दिए जाने पर वह दूसरे पांच हजार के ईनामी आरोपी गौरव की गिरफ्तारी में बाधा डाल सकता है।
सेक्टर-9 थाने में एफसीआई कर्मचारी मनोज पर झूठा मुकदमा दर्ज कर 10 लाख रुपये की सौदेबाजी मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता रवनीत कौर और उसकी सहयोगी सुखप्रीत व मनोज की बैंक मैनेजर पत्नी प्रीति को पहले ही जेल भेज दिया है। महेश नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुभाष को एसपी ने सस्पेंड कर दिया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए इंस्पेक्टर ने एडीएसजे संजय संधीर की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई हुई है। यमुनानगर में भी इंस्पेक्टर सुभाष पर मामला दर्ज है।
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