साहब । अब तो उतार दो पोस्टर इसके कारण बड़ी बेइज्जती हो रही है, दूध वाला दूध व सब्जी वाला भी सब्जी नहीं देता अशोक अंटवाल माई सिटी रिपोर्टर अंबाला। साहब । अब होम क्वारंटीन का पीरियड़ भी पूरा हो गया है। अब तो घर के सामने लगा होम क्वारंटीन का पोस्टर उतार दो। बड़ी बेइज्जती हो रही है। अब तो पड़ोसी क्या राहगीर भी घर की दीवार पर लगे पोस्टर को देखकर घर से दूर होकर गुजरते हैं। सब्जी वाला सब्जी नहीं देता। दूध वाला भी दूध देने से परहेज कर रहा है। ये दर्द उन लोगों का है जिन्हें विदेश से लौटने के बाद प्रशासन की ओर से होम क्वारंटीन किया गया था। स्वास्थ्य अधिकारियों को ऐसी बातें बताकर ये लोग घर की कैद से छुटकारा दिलाने की गुहार लगा रहे हैं। शर्मिदंगी से बचने के लिए कई लोगों ने तो घर के बाहर लगे पोस्टर को उतारकर चुपचाप अंदर रख लिया है। केस दर्ज होने के डर से कई लोगों ने तो ऐसे पोस्टरों को घर के कोने में छुपाकर लगा दिया ताकि कोई इसे देख न सके। उधर प्रशासन की ओर से स्पष्ट आदेश दिए गए कि होम क्वारंटीन का पीरियड पूरा करने वाले लोग भी अभी 14 तक घरों में ही रहेंगे। उन्हें अभी खुले में घूमने की इजाजत नहीं है। गांवों से आ रही सबसे ज्यादा शिकायतें स्वास्थ्य अधिकारियों के पास गांवों से सबसे ज्यादा शिकायतें आ रही हैं। विदेश से लौटे 250 से ज्यादा लोगों को गांवों में ही उनके घरों में होम क्वारंटीन किया गया है। हर घर के बाहर प्रशासन की ओर से होम क्वारंटीन का पोस्टर लगाया गया है। घरों में बंद लोग फोन कर स्वास्थ्य अधिकारियों से पोस्टर हटाने की गुहार लगा रहे हैं। वे कहते हैं कि अब तो होम क्वारंटीन का समय भी पूरा हो चुका है। अब तो पोस्टर हटा दो। पोस्टर के कारण पूरे गांव में बेइज्जती हो रही है। स्पेन से लौटे एक युवक ने तो बताया कि जो परिजन उसे खुशी खुशी एयरपोर्ट से लेने आए थे अब तो वे भी मुंह मोड़ रहे हैं। तंदरुस्त होने के बावजूद वे मुझे से बात तक नहीं करते। एक शख्स ने बताया कि हमेशा सुनता आया था कि रिश्ते तो सिर्फ नाम के होते हैं। अब इस बात को महसूस भी कर रहा हूं।