अंबाला। अंबाला डिपो में चालकों की कमी के कारण हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान और अन्य रूटों पर बसों का नियमित संचालन नहीं हो पा रहा है। जिससे काफी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चालकों की कर्मी के कारण कई बसें वर्कशाप में ही खड़ी रहती हैं या फिर रूट पर कम जाती हैं। वहीं चालकों का स्थानांतरण होने के बाद बसों के कई रूट घटा दिए गए हैं। ऐसे में यात्रियों को निजी या फिर दूसरे राज्यों की बसों के सहारा लेना पड़ रहा है। मौजूदा समय में अंबाला डिपो की 192 बसों पर करीब 170 चालक विभिन्न रूटों पर अपनी सेवाएं दे रहे है। करीब डेढ़ महीने पहले रोडवेज के 36 चालकों की ट्रांसफर हुई थी। इसके बाद अभी तक अंबाला में चालकों की कमी को अभी तक पूरा नहीं किया गया।
चालकों की कमी को पूरा करने के लिए मुख्यालय को लिखा
करीब डेढ़ महीना पहले अंबाला डिपो के 36 चालक दूसरे जिलाें में खाली पड़ी सीटाें पर स्थानांत्रित कर दिए गए। अभी तक उन चालकों की जगह कोई चालक नहीं आया। जिसके कारण यात्रियों को कई रूटों पर बसें घटने की समस्याओं को सामना करना पड़ रहा है। इन रूटों में लंबे व सामान्य रूट भी शामिल है। इस मामले में अंबाला डिपो के ड्यूटी इंस्पेक्टर मोहन ने बताया कि चालकों की कमी को लेकर मुख्यालय को पत्र लिख दिया है। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकलेगा। कुछ रूट हैं जो प्रभावित हो रहे हैं।
डिपो में 62 बसों को किया था शामिल
बता दें कि नवंबर माह में अंबाला डिपो के चालकों ने दूसरे जिलों में जाकर ज्वाइनिंग कर ली थी। इसके बाद अंबाला डिपो में 62 नई बसों काे शामिल किया गया था। इनमें से नौ एसी बस हैं। नारायणगढ़ अड्डे पर तीन बस, और अंबाला शहर और अंबाला छावनी में छह एसी बस सेवाएं दी रही है। इसी तरह से पांच छोटी बसें हैं। जिन्हें अंबाला शहर, अंबाला छावनी और ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया गया है। 48 नई बसों को विभिन्न रूटों पर संचालित किया जा रहा है।