अंबाला। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्टि्रयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ ने लिपिकों के वेतनमान की बढ़ोतरी की मांग करने के समर्थन में छावनी के उपमंडल कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया। हेमसा ने चेतावनी दी कि अगर लिपिकों को 35 हजार 400 रुपये वेतन नहीं तो वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।
इससे पहले शिक्षा विभाग ब्लाॅक अंबाला-2 में कार्यरत मिनिस्टि्रयल स्टाफ ने ब्लाॅक प्रधान अजय कनोजिया के नेतृत्व में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में इकट्ठा होकर बैठक की। हेमसा के ऑडिटर राजेंद्र कुमार ने कहा कि 35400 की मांग को लेकर हेमसा 12 जुलाई से हड़ताल कर रही है। वहीं सरकार केवल अपने पारिवारिक संगठन बीएमएस से ही बात कर रही है। यह लोकतंत्र में कतई उचित नही है
उनका कहना है कि सरकार को लगता है कि वह अपने मित्र संगठन के माध्यम से बीच का कोई रास्ता निकालकर लिपिक वर्ग के आंदोलन को खत्म करवा देगी। पूर्व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि 477 दिन चले कुरुक्षेत्र धरना के बाद ही 25 अगस्त 2014 में मंत्रिमंडल का फैसला हुआ था। वहीं संघर्ष की बदौलत ही भाजपा ने पंजाब के समान वेतनमान की मांग को 2014 के घोषणा पत्र में शामिल किया।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सेवा राम व सहसचिव रविंद्र शर्मा ने कहा कि यह हड़ताल भाजपा सरकार की वादाखिलाफी की ही देन है। इस अवसर पर अमित कुमार, सुमन महिला प्रधान, प्रवीण राणा,भावना, ममता, संजीवन लता, मनीष, हरपाल सिंह, जितेंद्र वर्मा आदि उपस्थित रहे।