अंबाला। बेबस यात्री दरवाजे पीटते रहे और आरपीएफ की जोर-आजमाईश भी धरी रह गई। बुधवार दोपहर लगभग 1.30 बजे प्लेटफाॅर्म नंबर दो पर आई ट्रेन नंबर 15708 अमृतसर-कटिहार आम्रपाली एक्सप्रेस के बंद दरवाजे यात्रियाें के लिए मुसीबत बन गए। कोच के अंदर बैठे यात्री बाहर के यात्रियों की चीख-पुकार को अनसुना कर रहे थे। इस दौरान कुछ ने गाली-गलौज भी की। बावजूद इसके प्लेटफाॅर्म पर खड़े यात्री ट्रेन में सवार न हो सके।
वहीं कुछ यात्रियों ने जबरदस्ती एसी कोच पर कब्जा कर लिया और वो दरवाजों पर ही सामान सहित जम गए। एसी कोच में सवार होने वाले यात्रियों को भी कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। हालांकि आरपीएफ ने इस स्थिति से निपटने के लिए पहले ही तैयार कर ली थी। टीम ने पोस्ट पर तैनात 20 से अधिक कर्मचारियों को ट्रेन के आने से पहले ही प्लेटफाॅर्म पर तैनात कर दिया था। बावजूद इसके आरपीएफ भी दरवाजों को खुलवाने में कामयाब नहीं हो पाई। कुछ देर बाद जैसे ही ट्रेन चली तो चीख-पुकार मच गई, क्योंकि किसी का बच्चा ट्रेन में सवार हो गया तो किसी की पत्नी और बुजुर्ग मां। अब उन्हें उनकी चिंता सता रही थी कि क्या वो ठीक-ठाक अपने घर तक पहुंच पाएंगे या नहीं।