अंबाला सिटी। छावनी के इंडस्ट्रियल एरिया में स्वास्थ्य विभाग ने वेयरहाउस बनाया हुआ था, जहां से अंबाला के अलावा पंचकूला और यमुनानगर नगर को दवाएं भेजी जाती हैं। इंडस्ट्रियल एरिया बाढ़ में डूबा तो वेयरहाउस को भी पानी ने चपेट में ले लिया। यहां पर 12 फुट तक पानी भर गया। जिससे दवाएं खराब हो गईं।
इसका आकलन जब मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने किया तो 25 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। साथ ही दवाओं के खराब होने से अंबाला सहित अन्य जिलों में भी दवाओं का संकट आ सकता था, मगर विभाग ने तेजी दिखाते हुए प्रदेश में हिसार, गुरुग्राम व अन्य जिलों से दवाओं को मंगाना शुरू कर दिया। जिससे स्थिति नियंत्रित कर ली गई।
ग्रामीण क्षेत्र में जैसे जैसे बाढ़ का पानी निकल रहा है। बाढ़ में बहकर आए सांप लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अंबाला में सांप काटने के 25 मामले हो चुके हैं। जबकि एक दिन पहले 18 मामले ही स्नेक बाइट के सामने आए थे। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि स्नैक बाइट के सभी मामलों में अभी तक लोगों की जान विभाग ने बचा ली है। अभी 1000 मरीजों को ठीक करने की विभाग के पास एंटी स्नेक विनम दवा है। लोग घबराएं नहीं बल्कि सांप काटने पर नजदीक के सरकारी अस्पताल में जाएं। साथ ही बाढ़ के कारण कुत्ते भी विचलित हैं, उनके काटने पर भी सिविल अस्पताल में दवा पर्याप्त है।
स्कूलों में क्लोरीन दवा डालने का अभियान शुरू
स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में मंगलवार को क्लोरीन की दवा पानी में डालने को लेकर अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही जिला शिक्षाधिकारी को भी इस बाबत पत्र लिखा है ताकि वह बताएं कहां पर पानी दूषित होने की संभावना है तो वहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम दवा डालने का काम करेगी।
अलग-अलग बीमारियां में 11653 मरीज हुए चिह्नित
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के 61 गांव और शहरी क्षेत्र के चार वार्डों में कुल 350 स्वास्थ्य कैंप आयोजित किए। जिसमें 11653 मरीज सामने आए। इन मरीजों में बुखार के 1240,पेट में दर्द के 370, चमड़ी के रोग के 746, आंखों में जलन के 671 मरीज मिले। इसके साथ ही 13000 ओआरएस के पैकेट वितरित किए गए हैं। वहीं 2800 टंकियां व गांव के कुओं में क्लोरीन की टेबलेट डाली जा चुकी है।